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अब दुर्गा पूजा कमिटियों में भी बदलाव की लहर !

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बाद अब इसका असर राज्य की सांस्कृतिक पहचान 'दुर्गा पूजा' पर भी दिखने लगा है। ऑटो और बस यूनियनों द्वारा रातों-रात झंडा बदले जाने के बाद, अब कोलकाता की बड़ी पूजा कमिटियों में भी नेतृत्व परिवर्तन और समीकरणों के बदलने की चर्चा तेज हो गई है। उत्तर से दक्षिण कोलकाता तक, पूजा आयोजक अब नए राजनीतिक माहौल के साथ तालमेल बिठाने की तैयारी में हैं।

पूर्व मंत्रियों और पार्षदों के दबदबे वाली कमिटियों में खलबली

कोलकाता की लगभग 90 प्रतिशत प्रसिद्ध पूजा कमिटियां प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सत्ताधारी दल के मंत्रियों, नेताओं या पार्षदों के संरक्षण में चलती रही हैं। श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, चेतला अग्रणी, सुरुचि संघ और त्रिधारा सम्मिलनी जैसे बड़े नाम उन दिग्गज नेताओं से जुड़े रहे हैं, जो अब सत्ता से बाहर हैं। पिछले साल तक ममता सरकार ने पूजा कमिटियों को 1 लाख 20 हजार रुपये का अनुदान और बिजली बिल में 80 प्रतिशत की भारी छूट दी थी। अब सत्ता बदलते ही इन सुविधाओं के भविष्य और कमिटियों के पुनर्गठन को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।

पुनर्गठन की तैयारी: आयोजकों ने कहा- 'हम पूजा प्रेमी हैं'

राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद पूजा उद्यमी भी इस बदलाव को स्वीकार कर रहे हैं। कई आयोजकों का कहना है कि वे किसी विशेष दल के नहीं बल्कि 'पुजा प्रेमी' हैं और सरकारें बदलने के बावजूद उत्सव की परंपरा जारी रहेगी। कोलकाता में छोटी-बड़ी करीब डेढ़ हजार पूजा कमिटियां हैं, जिनमें से कई अब नई सरकार के प्रतिनिधियों को अपने साथ जोड़ने की योजना बना रही हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में इन कमिटियों के अध्यक्ष और मुख्य पदों पर नए चेहरों की एंट्री हो सकती है।

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