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चुनावी काउंटडाउन शुरू, 1 मार्च को आयोग की टीम बंगाल में

मतदान अप्रैल में संभव, आयोग की टीम करेगी ग्राउंड रिव्यू चुनावी सरगर्मी तेज, तारीखों को लेकर लग रहे हैं कयास

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 28 फरवरी को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन होना तय है, जिसके बाद अप्रैल के मध्य तक मतदान कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर का दौरा अहम

चुनावी तैयारियों के बीच डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर 1 मार्च को राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आयोग की टीम जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), पुलिस कमिश्नर (CP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ बैठक करेगी। इन बैठकों में कानून-व्यवस्था, संवेदनशील बूथों की पहचान, केंद्रीय बलों की तैनाती और लॉजिस्टिक तैयारियों पर चर्चा होगी। इस दौरे को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले अहम कदम माना जा रहा है।

एक या दो चरणों में मतदान?

राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि इस बार मतदान एक चरण में होगा या दो चरणों में। पिछली बार कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से बहु-चरणीय मतदान कराया गया था। राज्य की भौगोलिक और सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए आयोग चरणों की संख्या पर अंतिम निर्णय ले सकता है। यदि संवेदनशील इलाकों की संख्या अधिक पाई जाती है तो दो चरणों में मतदान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पिछला चुनावी परिदृश्य

पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में कड़ी टक्कर देखने को मिली थी और कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा था। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय बलों की तैनाती प्रमुख मुद्दा बनी थी। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार भी आयोग सतर्क रणनीति अपनाने के संकेत दे रहा है। फिलहाल सभी की नजरें चुनाव आयोग की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे राज्य की सियासत को नयी दिशा मिलेगी।

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