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बदला-बदला नजर आया बंगाल : केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह

चार महीनों में मत्स्य क्षेत्र की योजनाओं में आई तेजी,दो लाख से अधिक मछुआरे हुए पंजीकृत, पश्चिम बंगाल में अपार संभावनाएं हैं

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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सोमवार को केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह की मौजूदगी में मत्स्य क्षेत्र को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल में बदलाव नजर आ रहा है। उन्होंने सीएम शुभेंदु अधिकारी की सराहना की। साथ ही पिछली सरकार पर सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि “एक साल पहले जब मैं यहां आया था, तब निचले स्तर के अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे। मेरे किसी भी प्रश्न का वे अधिकारी जवाब नहीं दे पा रहे थे। मैंने कहा कि आखिर बंगाल सरकार ने ऐसा क्यों किया, तब मुझे मालूम हुआ कि जब मैंने मीटिंग रखी तो वह बात मुख्यमंत्री तक गयी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया था कि भारत सरकार की समीक्षा बैठक में विभाग के सबसे निचले रैंक का ऑफिसर शामिल होगा। ऐसी थी पूर्ववर्ती सरकार की सोच।

राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो सके, लेकिन पिछले चार महीनों में उनमें तेजी आई है। आज बंगाल बदला-बदला नजर आ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल देश का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य है। हालांकि, राज्य में मत्स्य क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का पूरी तरह उपयोग कैसे किया जाए, पश्चिम बंगाल को देश में मछली उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम कैसे बनाया जाए और उसे शीर्ष स्थान तक कैसे पहुंचाया जाए, इस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि बैठक में मछली की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, उत्पादन के विस्तार के लिए निर्यात को किस तरह आधार बनाया जा सकता है, इस पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं पर राज्य सरकार के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ सुंदरवन, पूर्व मेदिनीपुर और उत्तर 24 परगना में हाई-वैल्यू फिशरीज को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार तेजी से काम कर रही है और मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पिछले वर्षों से लंबित पड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पिछले चार महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि मछुआरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई सरकार के आने के बाद पिछले चार महीनों में पश्चिम बंगाल में दो लाख से अधिक मछुआरों का पंजीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि मछुआरों से जुड़ी योजनाओं और उनके कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों में भी तेजी आई है।

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