निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के वार्ड नंबर 4, देवीतला इलाके के निवासी और पूर्व सैनिक सुजय रॉय का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। 28 वर्षों तक सीमा पर देश की रक्षा करने वाले इस जवान को अब अपनी ही नागरिकता साबित करने की चिंता सता रही है।
क्या है पूरा मामला?
सुजय रॉय के अनुसार, उनका नाम साल 2004 से मतदाता सूची में दर्ज था। हाल ही में जब 'स्पेशल इंक्वायरी रिपोर्ट' (SIR) के बाद नई मसौदा सूची जारी हुई, तो उन्होंने पाया कि उनका नाम उसमें शामिल नहीं है। इसके बाद उन्होंने तत्परता दिखाते हुए अपने पहचान पत्र, पीपीओ (पेंशन दस्तावेज) और अन्य सभी जरूरी कागजात बीएलओ (BLO) और ईआरओ (ERO) के पास जमा किए। बावजूद इसके, सप्लीमेंट्री लिस्ट में उनका नाम नहीं आया।
दुखी और चिंतित हैं सुजय
भावुक होते हुए सुजय रॉय ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस देश के लिए मैंने 28 साल लड़ाई लड़ी, आज मुझे खुद को नागरिक साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। समझ नहीं आ रहा कि आखिर नाम क्यों नहीं जुड़ा।"
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि खुद बीएलओ चंद्रप्रभा मंडल ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने सुजय बाबू समेत कई मतदाताओं के पर्याप्त दस्तावेज चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड किए थे, लेकिन फिर भी सूची में उनका नाम न आना समझ से परे है। आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान कर पाएंगे या नहीं, इसे लेकर सुजय बाबू और इलाके के अन्य नागरिक गहरे तनाव में हैं।