वायरल हुआ वीडियो  REP
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बारासात: मेज पर 500 के नोटों का 'पहाड़' का वीडियो वायरल

BJP ने की ED जांच की मांग

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात से एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। लगभग 3 मिनट 20 सेकंड के इस वायरल वीडियो में बारासात 1 नंबर पंचायत समिति के तृणमूल कांग्रेस (TMC) उपाध्यक्ष गयासुद्दीन मंडल को नोटों की गड्डियों से भरी एक मेज के बगल में बैठे देखा जा रहा है।

वीडियो में क्या है?

वीडियो एक कार्यालय के कमरे का प्रतीत होता है, जहाँ मेज पर 500 रुपये के नोटों के बंडल इतने ऊँचे रखे हैं कि सामने बैठे व्यक्ति का चेहरा भी ठीक से नजर नहीं आ रहा है। मेज के एक तरफ गयासुद्दीन मंडल बैठे हैं और दूसरी तरफ व्यवसायी बाकीबुल इस्लाम नजर आ रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि मेज पर रखा नकद लगभग 1 करोड़ रुपये के करीब हो सकता है। वीडियो के अंत में एक व्यक्ति को इन पैसों को बैग में भरकर ले जाते हुए भी देखा गया है।

आरोपी नेता और व्यवसायी की सफाई

वीडियो के वायरल होते ही विवाद गहरा गया है। इस पर गयासुद्दीन मंडल ने सफाई देते हुए कहा, "यह वीडियो साल 2022 का है। मेरा एक दोस्त जमीन खरीद रहा था और मैं केवल वहां गवाह के तौर पर मौजूद था। मेरा इस पैसे से कोई लेना-देना नहीं है।"

वहीं, व्यवसायी बाकीबुल इस्लाम का बयान थोड़ा अलग है। उन्होंने कहा कि यह जमीन की बिक्री का पैसा था और गयासुद्दीन मंडल उस जमीन के पार्टनर (साझेदार) थे। काजीपाड़ा इलाके में सभी साझेदारों की मौजूदगी में यह लेन-देन हुआ था।

बीजेपी का हमला और ईडी जांच की मांग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस वीडियो को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी राज्य समिति के सदस्य तापस मित्र ने कहा, "गयासुद्दीन मंडल एक जमीन माफिया हैं। तृणमूल ऐसे ही लोगों के दम पर चल रही है। यह जनता की गाढ़ी कमाई की लूट है। हम प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मांग करते हैं कि इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की जाए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।"

तृणमूल के भीतर अलग-अलग सुर

इस विवाद पर तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी विरोधाभास दिख रहा है। पंचायत समिति की अध्यक्ष हलीमा बीबी ने नेता का बचाव करते हुए कहा कि व्यापार करना अपराध नहीं है और यह विपक्ष की साजिश है। वहीं, ब्लॉक तृणमूल संयोजक ईछा हक सरदार ने कहा, "गयासुद्दीन पेशे से एक स्कूल क्लर्क हैं। वे किसी व्यवसाय से जुड़े हैं या नहीं, इसकी जानकारी हमें नहीं है। हम मामले की जांच करेंगे।"

फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है और इसने एक बार फिर बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार और 'कैश कांड' की चर्चा तेज कर दी है।

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