निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात: पश्चिम बंगाल के बारासात में फरदीन नवी हत्याकांड के बहुचर्चित मामले में सोमवार को बारासात कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त और मृतक के चाचा एंजर नबी को दोषी करार दिया है। इस जघन्य अपराध की सज़ा पर फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा, जिस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।
यह सनसनीखेज घटना जून 2024 में हुई थी, जिसका मूल कारण पैतृक संपत्ति विवाद था। पुलिस जाँच में यह बात सामने आई थी कि संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के चलते ही आरोपी चाचा एंजर नबी ने अपने 11 वर्षीय भतीजे फरदीन नवी का अपहरण किया और क्रूरता से उसकी हत्या कर दी। बच्चा 9 जून 2024 को लापता हुआ था। इस पूरे क्षेत्र में कई दिनों तक तनाव का माहौल रहा, जब तक कि 13 जून 2024 को बच्चे का शव अभियुक्त चाचा के निर्माणाधीन घर के बाथरूम से बरामद नहीं हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि फरदीन की गला दबाकर हत्या की गई थी।
अभियुक्त ने 'बच्चा चोरी' की अफवाहें फैला दी थीं
इस मामले का एक सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह था कि शव मिलने के बाद, अभियुक्त एंजर नबी ने खुद इलाके में 'बच्चा चोरी' की अफवाहें फैला दी थीं। इस झूठी खबर के कारण कई दिनों तक लोगों में भारी तनाव और दहशत का माहौल बना रहा, यहाँ तक कि उत्तर 24 परगना जिले के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाएँ भी सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को न सिर्फ अफवाह फैलाने के आरोप में चार फेसबुक ग्रुप एडमिन को गिरफ्तार करना पड़ा, बल्कि बारासात पुलिस को बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चलाना पड़ा था, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह केवल हत्या का नहीं, बल्कि एक सामाजिक विसंगति का भी मामला था।
जाँच पूरी होने के बाद, पुलिस ने 23 जून 2024 को अभियुक्त चाचा को गिरफ्तार किया था। सोमवार को कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के आधार पर चाचा को दोषी ठहराए जाने के बाद, कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। पीड़ित मृतक के परिवार ने अदालत से अपील की है कि आरोपी को फाँसी की सज़ा दी जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिले। अब बुधवार को कोर्ट के फैसले का इंतजार है, जब न्यायाधीश इस क्रूर हत्याकांड में सज़ा की मात्रा निर्धारित करेंगे।