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बारासात : अस्पताल में सेवाओं को दुरुस्त करेगी विशेषज्ञों की टीम, ज्यादातर स्टॉफ हैं ‘होम क्वारंटीन’

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : बारासात के एक निजी अस्पताल में भर्ती दो संक्रमित नर्सों का इलाज जारी है, वहीं इस संकट के कारण अस्पताल के स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है। निपाह वायरस से संक्रमित दो नर्सिंग स्टाफ वर्तमान में एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। राहत की बात यह है कि दोनों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। महिला नर्स को धीरे-धीरे होश आ रहा है और वह इलाज पर प्रतिक्रिया दे रही हैं, हालांकि वह अब भी वेंटिलेटर पर हैं। वहीं संक्रमित पुरुष नर्स की स्थिति बेहतर होने पर उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है, लेकिन वे अब भी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं।

स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से सेवाएं प्रभावित

बारासात के उक्त निजी अस्पताल में संक्रमित नर्सों के संपर्क में आने वाले कई अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को एहतियात के तौर पर 'होम क्वारंटीन' में भेज दिया गया है। इसके कारण अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी हो गई है। वर्तमान में अस्पताल में केवल आपातकालीन सेवाएं (Emergency) और बेहद जरूरी ऑपरेशन ही किए जा रहे हैं। बाकी सभी सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि 19 तारीख से स्थिति सामान्य हो सकती है।

SSKM के विशेषज्ञ देंगे विशेष प्रशिक्षण

ऐसे में निपाह वायरस के क्लीनिकल मैनेजमेंट और सटीक इलाज के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ को बारासात के इस निजी अस्पताल में भेजा जा रहा है। वे वहां के डॉक्टरों को निपाह संक्रमितों की देखभाल और इलाज के विशेष प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण देंगे। उनकी देखरेख में अस्पताल की मेडिकल टीम को यह सिखाया जाएगा कि संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जाए और गंभीर मरीजों की स्थिति को कैसे संभाला जाए।

प्रशासन की पैनी नजर और सुरक्षा उपाय

दूसरी ओर, जिले के स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमितों के संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है और उनके नमूने गहन जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। राज्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 'जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम' चौबीसों घंटे सक्रिय रूप से काम कर रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल 'कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग' और अस्पताल की सेवाओं को बहाल करने पर केंद्रित है।

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