निधि, सन्मार्ग संवाददाता
खड़दह: उत्तर 24 परगना के खड़दह थाना अंतर्गत डांगाडिंगला इलाके में सोमवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब सैकड़ों ग्राहकों ने एक बंद पड़े ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि इस केंद्र का संचालक उज्ज्वल मुखर्जी लगभग 3,000 ग्राहकों के करोड़ों रुपये लेकर चंपत हो गया है। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे सेवा केंद्रों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह ग्राहक सेवा केंद्र पिछले 13 वर्षों से इलाके में सफलतापूर्वक चल रहा था, जिस कारण लोगों का इस पर अटूट विश्वास था। पीड़ितों ने बताया कि दो दिन पहले अचानक बिना किसी पूर्व नोटिस के केंद्र को बंद कर दिया गया। जब संचालक उज्ज्वल मुखर्जी का कोई पता नहीं चला, तो ग्राहकों के बीच हड़कंप मच गया। सोमवार को बड़ी संख्या में पीड़ित ग्राहक केंद्र के बाहर जमा हुए और अपना गुस्सा जाहिर किया।
ठगी की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पीड़ित ग्राहक अपनी जमा राशि की जानकारी लेने और रुपये वापस मांगने संबंधित मुख्य बैंक शाखा में पहुँचे। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों के पास मौजूद पासबुक और रसीदों की जांच करने के बाद दावा किया कि उन्हें दिए गए दस्तावेज और मुहरें नकली हैं। बैंक रिकॉर्ड में उनके द्वारा जमा किए गए रुपयों का कोई हिसाब नहीं मिला।
पीड़ितों का आरोप है कि उज्ज्वल मुखर्जी ने उन्हें विभिन्न सरकारी और आकर्षक रिटर्न वाली निजी स्कीमों का झांसा देकर लाखों रुपये निवेश करवाए थे। कई वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी पेंशन और बेटियों की शादी के लिए जमा की गई पूंजी यहाँ लगा रखी थी, जो अब डूबती नजर आ रही है।
गुस्साए पीड़ितों ने खड़दह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्राहकों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह केंद्र पिछले 13 वर्षों से बैंक के नाम पर चल रहा था, तो मुख्य बैंक को इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक तक क्यों नहीं लगी? लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी उज्ज्वल मुखर्जी की गिरफ्तारी नहीं हुई और उनके रुपये वापस पाने का कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल खड़दह पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार संचालक की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।