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मुंबई में ऑटो-टैक्सी का सफर अब महंगा

ऑटो में न्यूनतम 1 रुपये और काली-पीली टैक्सी न्यूनतम 2 रुपये बढ़ी, सीएनजी भी 2 रुपये महंगी

मुंबई ; मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में मंगलवार से ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी से सफर करना महंगा हो गया। ऑटो-रिक्शा के न्यूनतम किराये में एक रुपये, जबकि टैक्सी के न्यूनतम किराये में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब यात्रियों को शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए ऑटो में 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी में 33 रुपये चुकाने होंगे। किराया बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने एमएमआर में सीएनजी की कीमत भी दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है। नई दरों के बाद सीएनजी 88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

18 महीने बाद फिर बढ़ा किराया

मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (एमएमआरटीए) ने चार सदस्यीय खटुआ समिति के निर्धारित फार्मूले के आधार पर किराया संशोधन को मंजूरी दी है। इस समिति की गणना में ईंधन की कीमत, वाहनों के रखरखाव और अन्य परिचालन लागत को ध्यान में रखा जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, एमएमआर में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी किराये में यह बदलाव करीब 18 महीने बाद हुआ है। इससे पहले फरवरी 2025 में दोनों के किराये में तीन-तीन रुपये की वृद्धि की गई थी।

ऑटो का नया किराया 18.22 रुपये प्रति किमी

आरटीओ के एक अधिकारी ने बताया कि संशोधन के बाद ऑटो-रिक्शा का किराया 17.14 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़कर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है। शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए अब न्यूनतम किराया 27 रुपये होगा। यानी इसके बाद की दूरी तय करने पर यात्रियों को संशोधित प्रति किलोमीटर दर के अनुसार भुगतान करना होगा।

टैक्सी के लिए 21.90 रुपये प्रति किमी

काली-पीली टैक्सी का किराया भी बढ़ाया गया है। पहले यात्रियों से 20.66 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। टैक्सी का न्यूनतम किराया 1.5 किलोमीटर के लिए 33 रुपये निर्धारित किया गया है। किराये में बदलाव का सीधा असर रोजाना ऑटो और टैक्सी से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा।

सीएनजी महंगी होने के साथ बढ़ा बोझ

किराये में वृद्धि के पीछे बढ़ती परिचालन लागत को प्रमुख कारण माना जा रहा है। एमएमआर में बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सियां सीएनजी से संचालित होती हैं। ऐसे में एमजीएल द्वारा सीएनजी की कीमत दो रुपये बढ़ाए जाने के बाद चालकों की ईंधन लागत में भी इजाफा हुआ है। मंगलवार आधी रात से एमएमआर में सीएनजी 86 रुपये से बढ़कर 88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

एमएमआर में 4.5 लाख से ज्यादा ऑटो

एमएमआर में 4.5 लाख से अधिक ऑटो-रिक्शा और 50 हजार से ज्यादा काली-पीली टैक्सियां संचालित हैं। इनमें अधिकांश वाहन सीएनजी से चलते हैं। इसलिए किराये और सीएनजी दोनों में बढ़ोतरी का असर क्षेत्र के सार्वजनिक परिवहन और यात्रियों के मासिक यात्रा खर्च पर पड़ने की संभावना है।

मीटर अपडेट कराने के लिए नवंबर तक समय

आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि चालक संशोधित किराया वसूलने के लिए अपने इलेक्ट्रॉनिक किराया मीटर को दुरुस्त करा सकते हैं। इसके अलावा आरटीओ द्वारा मंजूर किराया तालिका वाहन में प्रदर्शित करके भी नई दर के अनुसार किराया लिया जा सकता है। चालकों को मीटर अपडेट कराने या निर्धारित किराया तालिका लगाने के लिए नवंबर के अंत तक तीन महीने का समय दिया गया है।

नियम नहीं मानने पर लगेगा जुर्माना

अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित अवधि में इलेक्ट्रॉनिक मीटर दुरुस्त नहीं कराने या स्वीकृत किराया तालिका प्रदर्शित नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे चालकों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। आरटीओ ने चालकों को संशोधित किराया व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रियों से मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतों पर रोक लगाई जा सके।

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