. जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाई कोर्ट के एक डिवीजन बेंच के ग्यारह साल पुराने आदेश पर अब जाकर अमल हो पाया है। हालांकि डिवीजन बेंच ने दो माह के अंदर अमल किए जाने का आदेश दिया था। यह भी कंटेंप्ट का मामला दायर किए जाने के बाद हो पाया है। जस्टिस अरिजीत बनर्जी के डिवीजन बेंच में कंटेंप्ट का रूल जारी किया था।. एडवोकेट इकरामुल बारी ने बताया कि डिवीजन बेंच ने उत्तर 24 परगना के चेयरमैन इन चार्ज को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। कोर्ट में हाजिर होने के बाद कहा गया कि पिटीशनर प्रदीप्त कर को संदेशखाली के मां वानतालपाडा की प्राइमरी स्कूल में नियुक्ति दे दी गई है। कोर्ट के आदेश पर नियुक्ति तो दे दी गई, पर 12 साल का बकाया वेतन और सीनियरिटी का मसला हल करने को बाकी रह गया है। इस मुद्दे पर दो सप्ताह बाद फिर डिवीजन बेंच में सुनवाई होनी है। पेटीशनर के पिता प्राइमरी स्कूल में अध्यापक थे और उनके निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए पेटीशनर ने आवेदन किया था। प्राइमरी बोर्ड ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में आवेदन किया, लेकिन सिंगल बेंच ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की गई थी। तत्कालीन जस्टिस प्रणव कुमार चट्टोपाध्याय और जस्टिस ईशान चंद्र दास के डिवीजन बेंच ने 2015 में आदेश दिया था कि दो सप्ताह के अंदर पेटीशनर को प्राइमरी टीचर के पद पर नियुक्त किया जाए। बहरहाल 11 साल बाद पेटीशनर का प्राइमरी टीचर बनने का सपना साकार हो पाया है।