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मुंबई सम्मेलन में अंडमान-निकोबार को फिल्म स्थल बताया

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की प्राकृतिक सुंदरता और फिल्मांकन की संभावनाओं को मुंबई में 10 और 11 मार्च को आयोजित इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव के 12वें संस्करण में प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इस सम्मेलन में भारत और कई अन्य देशों के फिल्म आयोग, पर्यटन बोर्ड, फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस एक साथ आए और वैश्विक फिल्म पर्यटन के अवसरों पर विचार-विमर्श किया।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पवेलियन में कई फिल्म निर्माताओं ने द्वीपों को नए शूटिंग स्थल के रूप में तलाशने में रुचि दिखाई। द्वीपों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिकारियों ने यह भी बताया कि अंडमान और निकोबार के लिए एक समर्पित फिल्म पर्यटन नीति तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित नीति का उद्देश्य फिल्मांकन की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाना, आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना और द्वीपों को एक प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्थल के रूप में विकसित करना है।

द्वीपसमूह के पवेलियन ने उन निर्माताओं और लोकेशन स्काउट्स का विशेष ध्यान आकर्षित किया जो फिल्मों और ओटीटी परियोजनाओं के लिए नए स्थानों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने इस मंच का उपयोग करते हुए द्वीपसमूह के स्वच्छ समुद्र तटों, घने उष्णकटिबंधीय जंगलों और विशिष्ट तटीय परिदृश्यों को प्रदर्शित किया और इसे एक उभरते फिल्मांकन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।

इस सम्मेलन में भागीदारी से फिल्म उद्योग के साथ संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है और इससे अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण परियोजनाओं को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रचनात्मक सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों और भारतीय राज्यों के प्रतिनिधियों ने फिल्म पर्यटन, लोकेशन विपणन और सह-निर्माण के अवसरों जैसे विषयों पर चर्चा में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भाषाओं की कई फिल्मों को पुरस्कार समारोह में सम्मानित भी किया गया, जिसमें यह रेखांकित किया गया कि विश्वभर में पर्यटन स्थलों को लोकप्रिय बनाने में सिनेमा की भूमिका लगातार बढ़ रही है।


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