देर रात आ​​खिरकार की गयी कार्रवाई  
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सागर दत्त अस्पताल के मोर्ग में शव के लिए मांगे 22 हजार!

विधायक मदन मित्र ने दिखाई सख्ती, आरोपी सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार !

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कमरहट्टी: मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना में कमरहट्टी स्थित सागर दत्त मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल के मुर्दाघर (मोर्ग) में एक दिव्यांग (विशेष रूप से सक्षम) युवक से उसके मृत पिता के शव को सुरक्षित रखने और उसे सौंपने के बदले 22 हजार रुपये की मोटी रकम मांगी गई। इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक मदन मित्र ने कड़ा रुख अपनाया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित सरकारी कर्मचारी को धर-दबोचा।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, बरानगर नगरपालिका के वार्ड नंबर 1 निवासी अर्पण राय के 70 वर्षीय पिता अनिर्वाण राय का वृद्धावस्था के कारण घर पर ही देहांत हो गया था। बरानगर थाना पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम और सुरक्षित रखने के लिए सागर दत्त अस्पताल के मोर्ग में भेज दिया था। आरोप है कि वहां कार्यरत सरकारी कर्मचारी आकाश मल्लिक ने मृत देह को सुरक्षित रखने और उसकी 'पैकिंग' करने के नाम पर अर्पण से 22 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

विधायक का कड़ा रुख और पुलिस की कार्रवाई

पिता को खोने के गम में डूबे और आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग बेटे अर्पण ने इस अन्याय के खिलाफ कमरहट्टी के विधायक मदन मित्र से गुहार लगाई। विधायक ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया और तुरंत अपने सहयोगियों को अस्पताल भेजा। साथ ही, उन्होंने पुलिस प्रशासन को दोषियों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। विधायक के सक्रिय होते ही कमरहट्टी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और अभियुक्त कर्मचारी आकाश मल्लिक को हिरासत में ले लिया। मदन मित्र के हस्तक्षेप के बाद ही अर्पण को सम्मानपूर्वक उसके पिता का शव मिल सका।

दलाल चक्र पर फिर बरसे मदन मित्र

घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक मदन मित्र ने स्पष्ट कहा, "सरकारी अस्पताल में गरीबों और असहायों के साथ ऐसा जुल्म कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उल्लेखनीय है कि सागर दत्त अस्पताल में दलाल चक्र और भ्रष्ट कर्मचारियों का आतंक कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी मदन मित्र ने कई बार अस्पताल में खड़े होकर चेतावनी दी थी, लेकिन इस ताज़ा घटना ने यह साबित कर दिया है कि अस्पताल के भीतर भ्रष्टाचार की जड़ें अब भी काफी गहरी हैं।

इस घटना के बाद से ही अस्पताल परिसर में तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस 'दलाल राज' को खत्म करने के लिए प्रशासन को और भी सख्त कदम उठाने चाहिए।

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