फाइल फोटो फाइल फोटो
टॉप न्यूज़

फुटपाथ पर रहने वाली बच्ची का 'अपहरण', सहायक प्रोफेसर समेत तीन गिरफ्तार

सिंथी थाना इलाके की घटना

कोलकाता : महानगर में फुटपाथ पर रहने वाली एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर उसे अपने घर में रखने के आरोप में पुलिस ने एक महिला सहायक प्रोफेसर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में सहायक प्रोफेसर अरुणिमा चंदा, उनकी बेटी अनुष्का चंदा चौधरी और भाई अनूप चंदा शामिल हैं। यह कार्रवाई सिंथी थाने की पुलिस ने अपहृत बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर की है। पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने सोमवार को बताया कि शिकायत मिली थी कि लड़की का अपहरण हो गया है। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। एक पुलिस सूत्र के अनुसार, सहायक प्रोफेसर अरुणिमा चंदा सीपीएम की श्रमजीवी कैंटीन से भी जुड़ी हुई हैं। वहीं, आरोपित अरुणिमा ने पुलिस पूछताछ के दौरान दावा किया कि उन्होंने लड़की का अपहरण नहीं किया, बल्कि उसे अपनी देखभाल में लिया था और उसका पालन-पोषण कर रही थीं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी उन्होंने कुछ अन्य बच्चों को इसी तरह अपनी देखभाल में रखा था। इस बयान से पुलिस को संदेह हुआ है। अब सवाल उठ रहा है कि वे बच्चे कहां हैं और उन्हें देखभाल में क्यों लिया गया था। पुलिस इसकी गहन जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला ?

पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई। अनुष्का नाम की युवती ने दमदम रेलवे स्टेशन के बाहर पांच साल की बच्ची को खेलते देखा। फुटपाथ पर रहने वाली इस बच्ची से बातचीत के बाद उसके माता-पिता की अनुमति लिए बगैर अनुष्का उसे दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में अपनी मां अरुणिमा के फ्लैट पर ले गई। कुछ दिनों तक वहां रखने के बाद अरुणिमा ने अपनी बेटी और बच्ची को कसबा इलाके में भाई अनूप चंदा के घर ले जाकर रख दिया। इधर, बच्ची के पिता ने अपनी बेटी को खोजने में नाकाम रहने पर सिंथी थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज करायी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और अनुष्का का पता लगाया। पहले सोनारपुर और फिर कसबा में तलाशी लेने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सौभाग्य से, बच्ची को सकुशल बचा लिया गया है। पुलिस मामले में आगे जांच कर रही है। डीसी (नॉर्थ) दीपक सरकार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के बयानों में कई विसंगतियां हैं, इसलिए उनसे विस्तृत पूछताछ जरूरी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अरुणिमा और अन्य ने कभी कहा कि वे बच्ची को पुलिस को सौंप देंगे, तो कभी यह बताया कि उसे किसी गृह में भेज दिया जाएगा। लेकिन सवाल यह भी है कि उन्होंने बच्ची को कुछ दिनों तक अपने पास क्यों रखा।


SCROLL FOR NEXT