गुवाहाटी : असम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पिछले पांच वर्षों में चलाए गए अभियान के दौरान करीब 27 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में पुलिस ने 715 किलोग्राम हेरोइन, 1,51,833 किलोग्राम गांजा और 2.13 करोड़ मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। उन्होंने राज्य में ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने को सरकार के अभियान का प्रमुख उद्देश्य बताया। मुख्यमंत्री ने लोकप्रिय अमेरिकी वेब सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ के काल्पनिक ड्रग तस्कर हाइजेनबर्ग का जिक्र करते हुए अपने अभियान की तुलना की। उन्होंने कहा, “हाइजेनबर्ग को पांच सीजन लगे थे। असम में हमारे पांच साल के क्रैकडाउन की कहानी कुछ और है। लगभग 27,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 715 किलो हेरोइन, 1,51,833 किलो गांजा और 2.13 करोड़ मेथ टैबलेट जब्त की गईं। मेरे लिए फॉर्मूला सीधा है: ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ो, असम के भविष्य को बचाओ।”
2021 में शुरू हुआ अभियान
राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान वर्ष 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार के गठन के बाद शुरू हुआ था। इसके तहत हेरोइन, गांजा और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी तथा वितरण में शामिल लोगों और नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। असम की भौगोलिक स्थिति और सड़क संपर्क इसे पूर्वोत्तर में मादक पदार्थों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाते हैं। पुलिस की ओर से जब्त की गई हेरोइन और मेथामफेटामाइन की बड़ी मात्रा संगठित तस्करी की चुनौती को रेखांकित करती है।
तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई चुनौती
हालांकि, गिरफ्तारियों और जब्ती के आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मादक पदार्थों के तस्करी नेटवर्क पूरी तरह समाप्त हो गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका अलग-अलग हो सकती है और दोषसिद्धि का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद होता है। राज्य में अभियान के प्रभाव का आकलन करने के लिए आगे की गिरफ्तारियों, जब्ती, मुकदमों और दोषसिद्धि से जुड़े आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे।