निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : पूर्व मंत्री और मध्य हावड़ा से विधायक अरूप राय सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बेहद भावुक और असंतुष्ट दिखे। अरूप राय ने कहा कि पिछले शनिवार को उनके घर पर हमला हुआ, लेकिन अभी तक पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने फोन करके उनकी सुध तक नहीं ली। उन्होंने कहा कि इस समय पार्टी का कर्तव्य था कि वह संकट में पड़े अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ खड़ी हो। जब चारों तरफ आम कार्यकर्ताओं से लेकर विधायक और सांसद मार खा रहे हैं, तब पार्टी गायब है। राज्य नेतृत्व का संगठन पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है और मजबूत संगठन न होने के कारण ही आज यह दुर्दशा हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी ने पहले भी बुरे दिन देखे हैं और विधानसभा में सीटें 30-40 तक सिमट गई थीं, लेकिन तब भी उन्होंने हमेशा सीना तानकर राजनीति की थी।
घर के सामने बवाल पर दर्ज करायी एफआईआर
उन्होंने कहा कि आज राज्य में पार्टी के 80 विधायक हैं, उनके साथ सक्रिय कर्मी हैं जिनके साथ खड़े होने की जरूरत है। वे डरे हुए हैं। नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। दिशा सुनिश्चित करनी होगी। वहीं उन्होंने शनिवार को उनके घर के सामने बवाल किये जाने के मामले में कहा कि इस घटना की जांच करने और इस पर कार्रवाई करने की मांग पर उन्होंने थाने में एफआइआर दर्ज करायी है। आगामी हावड़ा नगर निगम चुनावों में प्रचार करने और पार्टी को मजबूत करने के सवाल पर अरूप राय ने कहा कि इस पर पार्टी के शीर्ष नेता ही फैसला लेंगे और वे खुद चुनाव प्रचार में उतरेंगे या नहीं, इस पर उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।