नासा के आर्टेमिस-2 मिशन पर गए चार अंतरिक्ष यात्री चांद के “स्फीयर ऑफ इन्फ्लुएंस” में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे हैं। मिशन के पांचवें दिन ओरियन अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 3.46 लाख किलोमीटर और चांद से करीब 65 हजार मील की दूरी पर पहुंच चुका है।
अपोलो-16 मिशन के पूर्व अंतरिक्ष यात्री चार्ली ड्यूक ने क्रू को औपचारिक वेकअप कॉल देते हुए शुभकामनाएं दीं और कहा कि पूरी दुनिया उनकी इस ऐतिहासिक यात्रा को देख रही है। नासा ने आर्टेमिस-2 क्रू द्वारा ली गई चांद की एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें ओरिएंटेल बेसिन साफ दिखाई दे रहा है। यह पहली बार है जब इस पूरे बेसिन को मानव आंखों से देखा गया है।
नासा के अनुसार अगला बड़ा पड़ाव तब होगा जब अंतरिक्ष यात्री चांद के गुरुत्व क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, जहां चंद्रमा का खिंचाव पृथ्वी से ज्यादा हो जाएगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री कई घंटों तक चांद का अवलोकन करेंगे और तस्वीरें व वैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करेंगे।
क्रू में अमेरिका के क्रिस्टीना कोच, रीड वाइजमैन और विक्टर ग्लोवर के साथ कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। यह दल चांद की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन चांद के चारों ओर चक्कर लगाते समय पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय करने का रिकॉर्ड बना सकता है।
मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्ष यान के लाइफ सपोर्ट सिस्टम और अन्य तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण भी कर रहे हैं। नासा के अनुसार यह डेटा भविष्य के आर्टेमिस-3 मिशन (2027) और आर्टेमिस-4 मिशन (2028) के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, जिनका लक्ष्य चांद पर मानव लैंडिंग करना है।