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अन्नपूर्णा योजना : 17 अगस्त से खाते में आएंगे पैसे

बताया-कौन हैं इनके पात्र और कौन नहीं

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को अन्नपूर्णा योजना को लेकर अहम घोषणाएं की। सीएम ने कहा कि 17 अगस्त से पात्र महिलाओं के खातों में अन्नपूर्णा योजना का पैसा आना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अंतिम चरण में लाभार्थियों की छंटाई और सत्यापन का काम चल रहा है। पहले की घोषणा के अनुसार, तीसरे चरण का 17 अगस्त से पात्र महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर होने शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सभी पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सीएम ने यह भी बताया कि अन्नपूर्णा योजना का लाभ पाने के पात्र कौन हैं और कौन नहीं। शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू किया जाएगा और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी BDO को दी जाएगी।

किसे अन्नपूर्णा का लाभ मिलेगा और किसे नहीं

जिन महिलाओं की मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक है या पारिवारिक आय 12 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह, यदि कोई महिला पहले से किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रही है, तो उसे अन्नपूर्णा योजना की राशि नहीं दी जाएगी। हालांकि, दिव्यांग भत्ता या PM किसान योजना के तहत लाभ पाने वाली महिलाएं अन्नपूर्णा योजना की राशि प्राप्त कर सकेंगी। जमीन के मालिकाना हक को लेकर भी कुछ खास शर्तें हैं। सात नगर निगम क्षेत्रों में से किसी भी क्षेत्र की निवासी, जिनके पास 50 डेसिमल से ज्यादा जमीन है, वे इस योजना के फायदों के लिए पात्र नहीं होंगे। इससे कम जमीन वाले पात्र होंगी। हालांकि, ग्रामीण इलाकों के लिए जमीन रखने की सीमा में छूट दी गई है।

सीएम ने कहा कि इसे लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। जिन लोगों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके खातों में हर महीने के दूसरे सप्ताह में पैसे पहुंच जाएंगे। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के संकल्प पत्र में 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना देने का वादा किया गया था। राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई। जून महीने में ही 28 लाख महिलाओं के खातों में अन्नपूर्णा योजना की राशि पहुंची थी। जुलाई में 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को पैसे मिले। सीएम ने बताया कि इस महीने लाभार्थियों की संख्या और बढ़ेगी। सीएम ने पिछली तृणमूल सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पिछली सरकार को 500 रुपये देने में कितने महीने लगते थे, याद है? 9 महीने लगते थे। हर महीने सत्यापन चलता रहता था।

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