दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव में जग जीवन राम सम्मानित
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के प्रतिष्ठित लोगो डिजाइनर माने जाने वाले जग जीवन राम ने एक बार फिर द्वीपसमूह को गौरवान्वित किया है। उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव में सम्मानित किया गया। यह सम्मान दक्षिण दिल्ली परिसर की निदेशक डॉ. रजनी अब्बी द्वारा रग्बी ग्राउंड परिसर में प्रदान किया गया। उन्होंने 12 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव के आधिकारिक लोगो का डिजाइन तैयार किया था। किसी भी कार्यक्रम में लोगों का ध्यान सबसे पहले जिस तत्व पर जाता है वह उसका लोगो होता है, और अनेक प्रतिष्ठित सरकारी एवं संस्थागत प्रतीकों के पीछे की रचनात्मक सोच जग जीवन राम की है। वर्तमान में वे आईसीएमआर क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, पोर्ट ब्लेयर में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वर्षों के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सरकारी संगठनों के लिए 100 से अधिक आधिकारिक लोगो और प्रतीक चिन्ह पूर्णतः स्वैच्छिक एवं निःशुल्क आधार पर डिजाइन किए हैं। उनके प्रमुख कार्यों में इंडो-अफ्रीका डिफेंस डायलॉग 2022, विश्व साइकिल दिवस 2022, भारतीय नौसेना के मिलन नौसैनिक अभ्यास 2014 और 2018, आसियान-भारत मंत्रिस्तरीय बैठक 2016, नौसेना दिवस 2023 तथा 2024 और 2025 की आर्मी डे परेड के आधिकारिक लोगो शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने पोर्ट ब्लेयर में राष्ट्रीय ध्वज के प्रथम फहराने की 75वीं वर्षगांठ पर जारी 75 रुपये के स्मारक सिक्के के आधार डिजाइन में भी योगदान दिया।
उनकी रचनात्मक कृतियों का उपयोग अंडमान एवं निकोबार प्रशासन, भारतीय नौसेना, भारतीय सेना, दिल्ली पुलिस, पुडुचेरी पुलिस तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव संघ शासित प्रदेशों के प्रशासन द्वारा किया गया है। उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें वर्ष 2019 और 2020 में माननीय उपराज्यपाल प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।
साहित्य महोत्सव में सिनेमा, रंगमंच, लोक नीति, अध्यात्म और खेल जगत की विभिन्न हस्तियों ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर शेहजाद पूनावाला, अंकुर वारिकू, हिंदोल सेनगुप्ता, चंचलपति दासा, चंद्रचूर घोष तथा पहलवान संग्राम सिंह जैसी प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “नेशन फर्स्ट: यूनिटी इन डाइवर्सिटी” था, जो भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विविधता का उत्सव था। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस प्रतिष्ठित महोत्सव में जग जीवन राम का सम्मान न केवल उनकी कलात्मक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जिससे राष्ट्रीय मंचों पर अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की रचनात्मक पहचान और सुदृढ़ हुई है।