सन्मार्ग संवाददाता
विजयपुरम : पश्चिम बंगाल के हल्दिया में 16 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित 22वें विश्व बंगला साहित्य एवं संस्कृति उत्सव 2026 में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का उल्लेखनीय प्रतिनिधित्व देखने को मिला। इस प्रतिष्ठित साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन का आयोजन प्रसिद्ध अपोजोन साप्ताहिक समाचार पत्र द्वारा किया गया, जिसमें देश-विदेश से ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, शोधकर्ता और सांस्कृतिक कर्मी शामिल हुए। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्सव में श्री विजयपुरम से प्रकाशित लिटिल मैगजीन ‘बाकप्रतिमा’ तथा द्विभाषी पाक्षिक समाचार पत्र ‘न्यूज़ स्पॉटलाइट’ के संपादक अनादिरंजन बिस्वास ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें इस समारोह में आमंत्रित कवि-प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जो द्वीप समूह के साहित्यिक जगत के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपस्थिति ने अंडमान-निकोबार के साहित्यिक योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।उत्सव के दूसरे दिन, 17 जनवरी 2026 को आयोजित चौथे सत्र में अनादिरंजन बिस्वास ने अपनी चयनित कविताओं का पाठ किया। उनके काव्य पाठ में द्वीप जीवन, स्मृति, पहचान, विस्थापन और मानवीय संवेदनाओं की गहरी झलक देखने को मिली, जिसे श्रोताओं और साहित्य प्रेमियों ने अत्यंत सराहा। उनकी कविताओं में अंडमान-निकोबार की भौगोलिक विशेषताओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। इसके अतिरिक्त, अनादिरंजन बिस्वास को एक काव्य-पाठ सत्र की अध्यक्षता करने वाले चयनित साहित्यकारों में भी शामिल किया गया। इस भूमिका में उन्होंने युवा और वरिष्ठ कवियों को मंच प्रदान किया तथा रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित किया। साहित्यिक विमर्श के दौरान उन्होंने समकालीन बंगला साहित्य की दिशा, सामाजिक जिम्मेदारियों और भाषा की भूमिका पर अपने विचार भी साझा किए।
विश्व बंगला साहित्य एवं संस्कृति उत्सव केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का मंच ही नहीं, बल्कि बंगला भाषा, संस्कृति और विरासत को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इस उत्सव में अंडमान एवं निकोबार के प्रतिनिधि की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि द्वीप समूह का साहित्यिक संसार भी मुख्यधारा के साहित्य से मजबूती से जुड़ा हुआ है। कुल मिलाकर, इस आयोजन में अनादिरंजन बिस्वास की भागीदारी को अंडमान एवं निकोबार के साहित्यिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिसने द्वीपों की रचनात्मक आवाज को व्यापक मंच प्रदान किया।