हैदराबाद : हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आरजीआईए) पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक यात्री ने विमान में सीट ठीक करते समय गलती से आपातकालीन निकास द्वार का हैंडल छू दिया। हैंडल छूते ही विमान में लगे सेंसर का अलार्म बज गया।
घटना उस समय हुई जब हैदराबाद से कडप्पा जाने वाला विमान उड़ान भरने की तैयारी में खड़ा था। अलार्म बजने के बाद विमानन कंपनी के कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति का संज्ञान लिया और संबंधित यात्री को विमान से नीचे उतार दिया।
पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय यात्री विमान में अपनी सीट को ठीक कर रहा था। इसी दौरान उसका हाथ गलती से आपातकालीन निकास द्वार के हैंडल से लग गया। हैंडल के सक्रिय होने से विमान का सेंसर अलार्म देने लगा।
अलार्म बजने के बाद विमान में मौजूद कर्मचारियों ने सुरक्षा प्रक्रिया के तहत यात्री को विमान से उतारने का निर्णय लिया। इसके बाद यात्री को आरजीआईए पुलिस चौकी के हवाले कर दिया गया।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यात्री को पुलिस के पास लाए जाने के बाद उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि उसने जानबूझकर विमान के आपातकालीन निकास को खोलने या उसके संचालन की कोशिश नहीं की थी।
पुलिस ने यात्री के बयान और घटना से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी लेने के बाद मामले को आगे नहीं बढ़ाया। यात्री से घटना के संबंध में एक लिखित बयान लिया गया।
पूछताछ पूरी होने के बाद यात्री को जाने दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना के संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यात्री द्वारा आपातकालीन निकास को अनजाने में छूने की बात सामने आई। इसलिए घटना को जानबूझकर की गई किसी कार्रवाई के रूप में नहीं देखा गया।
आपातकालीन निकास से जुड़े सेंसर के सक्रिय होने के बाद विमानन कंपनी के कर्मचारियों ने सुरक्षा प्रक्रिया के तहत यात्री को विमान से अलग किया। ऐसी स्थिति में विमान के दरवाजे और संबंधित सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना आवश्यक होता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उड़ान भरने से पहले विमान पूरी तरह सुरक्षित है।
घटना के कारण विमान की उड़ान पर क्या प्रभाव पड़ा, इस बारे में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
विमान के आपातकालीन निकास यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। किसी आपात स्थिति, जैसे दुर्घटना या विमान की तत्काल निकासी की आवश्यकता होने पर इन निकासों का इस्तेमाल किया जाता है।
इसी कारण विमान में आपातकालीन निकास के हैंडल और उससे जुड़ी सुरक्षा प्रणालियां सामान्य दरवाजों से अलग होती हैं। इनसे छेड़छाड़ या इनके अनजाने में सक्रिय होने की स्थिति में भी विमान चालक दल को सुरक्षा प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।
आरजीआईए पुलिस चौकी के अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद यात्री से पूछताछ की गई और उसका लिखित बयान लिया गया। पूछताछ में घटना को अनजाने में हुई कार्रवाई पाया गया।
पुलिस ने बताया कि यात्री को बाद में जाने दिया गया और इस मामले में कोई प्राथमिकी या अन्य मामला दर्ज नहीं किया गया।
यह घटना भले ही गलती से हुई हो, लेकिन विमान में आपातकालीन निकास और उससे जुड़े उपकरणों को लेकर बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों को रेखांकित करती है। विमान के उड़ान भरने से पहले किसी भी सुरक्षा अलार्म के सक्रिय होने पर चालक दल और संबंधित कर्मचारियों को उसकी जांच करनी होती है।
इस मामले में भी अलार्म बजने के बाद विमानन कंपनी के कर्मचारियों ने यात्री को विमान से उतारा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पूछताछ के बाद जब यह स्पष्ट हुआ कि हैंडल गलती से छुआ गया था, तो यात्री को छोड़ दिया गया।
35 वर्षीय यात्री हैदराबाद से कडप्पा जाने वाले विमान में सवार था।
विमान राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान भरने की तैयारी में खड़ा था।
यात्री सीट ठीक कर रहा था।
इसी दौरान उसका हाथ गलती से आपातकालीन निकास के हैंडल से लग गया।
हैंडल छूने के बाद सेंसर का अलार्म बज गया।
विमानन कंपनी के कर्मचारियों ने यात्री को विमान से उतार दिया।
यात्री को पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस ने उससे पूछताछ की और लिखित बयान लिया।
पूछताछ में घटना को अनजाने में हुई कार्रवाई पाया गया।
यात्री को बाद में जाने दिया गया।
पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।