नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का ‘अमृत काल’ छात्रों के लिए ‘मृत काल’ साबित हो रहा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
खरगे ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है और कई छात्र-छात्राएं मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या तक कर चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने और ‘परीक्षा-लीक पर चर्चा’ करने की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में 90 से अधिक प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने में पूरी तरह विफल रही है।
वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया। उनके मुताबिक, मंत्रालय की कार्यप्रणाली अक्षम और पक्षपातपूर्ण साबित हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है, जिससे हर साल छात्रों का भविष्य दांव पर लग रहा है।