वॉशिंगटन : संयुक्त राज्य अमेरिका ने हिजबुल्ला से जुड़े एक वैश्विक वित्तीय नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका पहले ही हिजबुल्ला को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और अब उसकी आर्थिक सप्लाई चेन तोड़ने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रधान प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि यह कार्रवाई उन व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाती है, जो पश्चिम एशिया, यूरोप और उत्तर अमेरिका में कंपनियों और परियोजनाओं के जरिए हिजबुल्ला के लिए धन जुटाने और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे।
वहीं, अमेरिकी वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने अलग बयान में बताया कि 16 लोगों और संस्थाओं को प्रतिबंध सूची में डाला गया है। इस नेटवर्क का नेतृत्व कथित तौर पर हिजबुल्ला से जुड़े वित्तपोषक अला हसन हमीह कर रहे थे, जो पहले एक सार्वजनिक निवेश अधिकारी रह चुके हैं।
जांच के अनुसार, यह नेटवर्क लेबनान, सीरिया, पोलैंड, स्लोवेनिया, कतर और कनाडा तक फैला हुआ था। आरोप है कि 2020 से अब तक इस नेटवर्क ने 10 करोड़ डॉलर से अधिक की धनराशि के हेरफेर में भूमिका निभाई।
इन प्रतिबंधों के तहत सूचीबद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण वाली सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही, ऐसी संपत्तियों की जानकारी देना अमेरिकी नागरिकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, वे कंपनियां भी कार्रवाई के दायरे में आएंगी, जिनमें प्रतिबंधित व्यक्तियों की सीधे या परोक्ष रूप से 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम हिजबुल्ला की वित्तीय क्षमता को कमजोर करने और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के फंडिंग नेटवर्क पर लगाम कसने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।