निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच उत्तर 24 परगना जिले के आमडांगा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा का मामला सामने आया है। रविवार को दत्तपुकुर के काशेमपुर इलाके में पार्टी के झंडे लगाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आमडांगा विधानसभा केंद्र से आईएसएफ उम्मीदवार विश्वजीत मैती के समर्थन में पार्टी नेता नौशाद सिद्दीकी की एक जनसभा होने वाली है। इसी सभा की तैयारी के लिए रविवार को काशेमपुर पंचायत के बूथ संख्या 208 और 209 वाले इलाकों में आईएसएफ कार्यकर्ता अपनी पार्टी के झंडे लगा रहे थे। आईएसएफ का आरोप है कि उसी समय सत्ताधारी दल टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर उनके झंडे उखाड़ दिए। विरोध करने पर बात हाथापाई तक पहुँच गई और देखते ही देखते इलाका रणक्षेत्र में बदल गया।
घटना के बाद आईएसएफ उम्मीदवार विश्वजीत मैती घायल कार्यकर्ताओं को लेकर दत्तपुकुर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि काशेमपुर पंचायत सदस्य अयूब अली के नेतृत्व में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया। मैती ने कहा, "तृणमूल के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है, इसलिए वे हिंसा का सहारा ले रहे हैं।"
दूसरी ओर, टीएमसी नेता और पंचायत सदस्य अयूब अली ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि आईएसएफ बाहरी लोगों को इलाके में लाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल दत्तपुकुर पुलिस मामले की जांच कर रही है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।