निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : उत्तर 24 परगना जिले की आमडांगा थाना पुलिस ने सूदखोर व्यवसायी जहिरुल इस्लाम (25) की नृशंस हत्या के मामले का पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी ओबीदुल मंडल को मुंबई के बांद्रा से गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथी रबीउल इस्लाम को पहले ही दबोचा जा चुका था। बारासात के पुलिस अधीक्षक प्रियव्रत राय ने बताया कि ऊंचे ब्याज और कर्ज अदायगी को लेकर उपजे विवाद के कारण इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
ब्याज का जानलेवा जाल
पुलिस जांच में पता चला है कि मृतक জহিরুল इस्लाम साधनपुर इलाके में ग्राहक सेवा केंद्र चलाने के साथ-साथ ऊंचे ब्याज पर पैसे देने का कारोबार करता था। मुख्य आरोपी ओबीदुल मंडल ने करीब छह महीने पहले उससे 20 हजार रुपये उधार लिए थे। जহিরুল का ब्याज दर इतना अधिक था कि चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) लगकर यह रकम 40 हजार रुपये के पार हो गई थी। ओबीदुल मूल तो दूर, ब्याज चुकाने में भी असमर्थ था। आरोप है कि जহিরুল ने ओबीदुल के घर जाकर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी, जिससे ओবিदुल आक्रोशित हो गया।
खूनी ब्लूप्रिंट और वारदात
बदला लेने के लिए ओबीदुल ने अपने साथी रबीउल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। 29 जनवरी की रात, आरोपियों ने कर्ज चुकाने के बहाने जहिरुल को एक निर्माणाधीन मकान में बुलाया। ओबीदुल ने पहले से ही स्थानीय मेले से एक धारदार छूरी खरीदी थी। मौके पर पहुंचते ही दोनों ने जहिरुल पर हमला कर दिया और चाकू से गोदने के बाद गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मृतक की बाइक देगंगा में फेंक दी गई।
मुंबई तक पीछा कर दबोचा
वारदात के बाद रबीउल तमिलनाडु भाग गया था, जबकि ओबीदुल मुंबई के बांद्रा (निर्मल नगर) में छिप गया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए पहले रबीउल को 14 फरवरी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस की एक विशेष टीम मुंबई पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ओबीदुल को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बंगाल ले आई। बारासात एसपी ने बताया कि आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद करने का प्रयास कर रही है। मृतक के परिजनों ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है।