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1.25 करोड़ नाम काटने की साजिश का लगाया आरोप

कई जिलों को बनाया गया टार्गेट : देश बचाओ गणमंच

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

 कोलकाता : नागरिक समाज संगठन देश बचाओ गणमंच ने एसआईआर में 1.25 करोड़ लोगों का नाम काटे जाने की साजिश होने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि वे एक ऐसी सूची बनाना चाहते हैं जिसमें बड़ी संख्या में वैध मतदाता शामिल न हों और जो पूरी तरह से भाजपा के नेताओं की पसंद पर आधारित हो। उनका कहना है कि शनिवार को जारी मतदाता सूची चुनाव आयोग का दुर्भावनापूर्ण इरादा और भी स्पष्ट हो गया। पूर्व मंत्री तथा देश बचाओ गणमंच के पदाधिकारी पूर्णेंदु बसु ने रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कौन से दोष से 1.25 करोड़ लोगों का नाम रद्द हो रहा है?

टाइटल बदलाव का भी दोष नागरिकों पर ही थोपा जा रहा है

टाइटल बदलाव का भी दोष नागरिकों पर ही थोपा जा रहा है। डाक्यूमेंट्स की जुगाड़ से लेकर बार - बार सुनवाई के लिए बुलाये जाने तक, कई तरह से लोगों को परेशान किया गया। नाम काटना मतलब ही बड़ी सजा है। इससे लोगों का अधिकार छीना जायेगा। पूर्णेंदु बसु ने कहा कि हमारा सवाल है कि आखिर किसी का अधिकार छीनने का अधिकार किसने दिया। एसआईआर के तहत कहा गया है कि जिनके नाम कटे है वे 15 दिन में आवेदन कर सकते हैं लेकिन तब तक तो वोट की घंटी बज सकती है ऐसे में इसकी क्या गारंटी है कि आवेदक वोट दे सकते है? यही भाजपा की चाल है जो हो रहा है। सैयद तनवीर नसरीन ने आरोप लगाया कि देखा गया है कि जिन जिलों में अधिक प्रतिनिधित्व करने वाले हैं वहां से नाम ज्यादा कटा है। जिला स्तर पर टार्गेट किया गया है। मुसलमानों, गरीब और महिलाओं के नाम अधिक कटे हैं। उन्होंने भवानीपुर के वार्ड 77 का उल्लेख किया है।

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