मुंबई : पायलटों के संगठन एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन इंडिया (ALPA इंडिया) ने अपने सदस्यों से मंगलवार को कहा कि वे सुनिश्चित करें कि विमानन कंपनियों के संचालक संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में या उनके आसपास उड़ान की योजना बनाने से पहले उचित परिचालन जोखिम का आकलन करें।
भारतीय लाइसेंसधारी सभी पायलट के लिए जारी परामर्श में संगठन ने कहा कि सभी पायलट यह समझें कि ऐसे क्षेत्रों में जोखिम तेजी से बदल सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध से पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बीच यह परामर्श जारी किया गया। यहां 28 फरवरी से हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। पायलट संगठन ने कहा कि सदस्यों को विमानन बीमा से जुड़े संभावित प्रभावों, विशेषकर युद्ध जोखिम से संबंधित प्रावधानों पर ध्यान देना चाहिए। कुछ परिस्थितियों में बीमा प्रदाता संघर्ष क्षेत्रों या उच्च जोखिम वाले हवाई क्षेत्रों में संचालन के लिए बीमा ‘कवर’ को सीमित या वापस ले सकते हैं।