गुवाहाटी : असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के मुआवजे को लेकर रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर विधायक अखिल गोगोई ने अपना अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रखने का ऐलान किया है। गोगोई ने शनिवार को कहा कि जब तक मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चार बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने की तारीख तय नहीं करते, तब तक वह असम विधानसभा परिसर में अपना आंदोलन जारी रखेंगे। गोगोई का सत्याग्रह शनिवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गया। इसी मुद्दे पर उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिसपुर स्थित राज्य सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे रायजोर दल और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया।
सचिवालय के बाहर प्रदर्शन
रायजोर दल के कार्यकारी अध्यक्ष भास्को डे सैकिया, महासचिव रसेल हुसैन और महिला मोर्चा की अध्यक्ष ज्ञानश्री बोरा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बाढ़ प्रभावित परिवारों को जल्द और बढ़ी हुई आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर सचिवालय के बाहर पहुंचे थे। कॉजपा के सदस्यों का एक दल भी प्रदर्शन में शामिल हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और बाद में उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया। गोगोई ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होकर अपनी मांग रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है।
हर परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
गोगोई ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे में बड़ी वृद्धि की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा देना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने सरकार से चारों जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल एकमुश्त अंतरिम सहायता के रूप में 15,000 रुपये देने की मांग की है। उन्होंने शिवसागर और चराइदेव के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अतिरिक्त 10,000 रुपये की सहायता भी जल्द जारी करने का आग्रह किया।
बाढ़ के कारणों की सीबीआई जांच की मांग
रायजोर दल प्रमुख ने इस साल चारों जिलों में आई अभूतपूर्व बाढ़ के कारणों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ इसके कारणों की भी जांच जरूरी है। गोगोई ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा बढ़े हुए मुआवजे की तारीख तय किए जाने तक उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रहेगा। इस बीच, विधानसभा परिसर और दिसपुर सचिवालय के आसपास प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की तैनाती भी की गई है।