मुंबईः महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की विधायक दल की बैठक 31 जनवरी को होगी, जिसमें दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को नेता चुना जाएगा।
भुजबल ने यहां राकांपा कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कर दिया है कि उपमुख्यमंत्री के रूप में उनका शपथ ग्रहण समारोह यदि शनिवार को ही होता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते इस संबंध में निर्णय पार्टी के विधायक दल द्वारा लिया जाए।
इससे पहले राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने आज ही कहा था कि महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा के पार्टी विधायक दल की नई नेता बनने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस महत्वपूर्ण पद पर रिक्ति भरने से पहले परिवार की सहमति लेनी होगी। पटेल ने यह टिप्पणी पार्टी के कुछ नेताओं के उन बयानों के बाद की है कि राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के राकांपा विधायक दल की नयी नेता और साथ ही उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री और राकांपा विधायक दल के नेता के रिक्त पदों को भरना है। दोनों पद अजित पवार के पास थे जिनकी 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि शीर्ष संगठनात्मक पद (दिवंगत अजित पवार पार्टी अध्यक्ष भी थे) पर नियुक्ति करना फिलहाल कोई मुद्दा नहीं है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उन्हें जानकारी दी है कि सत्तारूढ़ ‘महायुति’ में घटक राकांपा अपने नेतृत्व परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
नेतृत्व परिवर्तन अंतिम प्रक्रिया में
पटेल ने कहा,‘‘अजित पवार राकांपा विधायक दल के नेता और सत्तारूढ़ महायुति के एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी थे। हम नेतृत्व परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।’’ उन्होंने कहा कि राकांपा विधायक दल के नेता के रूप में अजित पवार के स्थान पर सुनेत्रा पवार के नाम का विरोध करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और राज्य विधानसभा के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। हालांकि, अजित पवार के निधन के बाद पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। पटेल ने कहा, ‘‘जनता और पार्टी की भावनाएं एक जैसी हैं। हमें (अजित पवार के) परिवार से (महत्वपूर्ण नियुक्तियों के बारे में) बात करनी होगी, पहले उनसे (मंजूरी के लिए) अनुरोध करना होगा।’’
फडणवीस के साथ डेड़ घंटे तक चली बैठक
राकांपा के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को दक्षिण मुंबई स्थित फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में उनसे मुलाकात की। यह बैठक लगभग डेढ़ घंटे तक चली और इसमें पटेल, छगन भुजबल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। राज्य सरकार में राकांपा कोटे से मंत्री नरहरि जिरवाल ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक रूप से इच्छा व्यक्त की थी कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए।
शिवसेना(उबाठा) नेता संजय राउत ने टिप्पणी की थी कि विमान दुर्घटना में मारे गए अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भाजपा उन पर लगे आरोपों को वापस ले ले। राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, और ऐसे समय में जब पूरा राज्य अजित पवार की असमय मृत्यु पर शोक मना रहा है, राजनीतिक सवाल उठाना अनुचित है। उन्होंने कहा, ‘‘सिंचाई घोटाले से संबंधित मामला पहले से अदालत में है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अजित पवार को न्याय मिलेगा और उन पर लगे सभी आरोप खारिज कर दिए जाएंगे।’’
सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग
राकांपा मंत्री नरहरि झिरवाल ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक रूप से इच्छा व्यक्त की थी कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। पवार के एक करीबी सहयोगी के अनुसार, वह राकांपा के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे और यह जल्द होने वाला था।
बुधवार को पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। 66 वर्षीय राकांपा प्रमुख को लोग ‘दादा’ (बड़े भाई) कहकर संबोधित करते थे। उनका बृहस्पतिवार को बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
पिछले चुनाव में अजित पवार का शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक शरद पवार की छत्रछाया से बाहर निकलकर जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने चाचा खिलाफ बगावत कर दी तथा पार्टी के नाम और चिह्न के साथ-साथ पार्टी के अधिकतर विधायकों को अपने पाले में कर लिया। पिछले साल के लोकसभा चुनाव में अजित पवार की पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली थी।
आम चुनाव में मिली करारी हार को लेकर आलोचकों के निशाने पर आए अजित पवार ने हालांकि पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में 41 सीट जीतकर सबको गलत साबित कर दिया। राकांपा (शरदचंद्र पवार) को सिर्फ 10 सीट मिलीं। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से अजित पवार ने राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।