Air India ने नागरिक उड्डयन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से लंबी उड़ानों के लिए पायलट ड्यूटी समय (Flight Duty Time Limitations – FDTL) में अस्थायी छूट की मांग की है। यह कदम पश्चिम एशिया में एयरस्पेस बंद होने के कारण लागू अतिरिक्त रूट और उड़ान समय को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
पश्चिम एशियाई एयरस्पेस बंद होने के कारण एयर इंडिया की उत्तर अमेरिका, खासकर टोरंटो के लिए उड़ानों को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। इन उड़ानों को अब रोम में ईंधन भरने के लिए स्टॉप भी करना पड़ रहा है। भारत में पंजीकृत किसी भी एयरलाइन या विमान को पिछले साल अप्रैल से पाकिस्तान के एयरस्पेस का उपयोग करने की अनुमति नहीं है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों को दक्षिण की ओर रूट लेना पड़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, Air India ने DGCA से मौजूदा नियमों में बदलाव की अनुमति मांगी है। वर्तमान FDTL नियमों के तहत दो पायलट क्रू के लिए अधिकतम उड़ान समय 10 घंटे और Flight Duty Period (FDP) की सीमा 13 घंटे है। एयर इंडिया ने DGCA से उड़ान समय 11 घंटे 30 मिनट और FDP 14 घंटे 45 मिनट तक बढ़ाने की अनुमति मांगी है, जो क्रमशः वर्तमान सीमा से 1 घंटे 30 मिनट और 1 घंटे 45 मिनट अधिक है।
एयर इंडिया ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि ईरान और इराक के एयरस्पेस बंद होने के कारण विमान को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है, जिससे ब्लॉक समय (Block Time) बढ़ गया है। इसके चलते पायलटों की ड्यूटी अवधि भी लंबी हो रही है।
DGCA के एक अधिकारी ने बताया कि यह अनुरोध वर्तमान में नियामक द्वारा समीक्षा के अधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति मिलने पर एयर इंडिया अपनी लंबी उड़ानों को सुरक्षित तरीके से संचालित कर सकेगी, जबकि नियामक पायलट सुरक्षा और नियामकीय मानकों का पूरा ध्यान रखेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरस्पेस बंद होने की स्थिति में यह कदम भारतीय एयरलाइनों के लिए आवश्यक हो गया है, ताकि लंबी दूरी की उड़ानों में देरी और ईंधन की अतिरिक्त खपत के प्रभाव को कम किया जा सके।