प्रयागराजः प्रयागराज शहर में बुधवार को भारतीय वायु सेना का दो सीट वाला अत्यंत हल्का विमान जॉर्ज टाउन थाना अंतर्गत केपी कॉलेज मैदान के पास एक तालाब में गिर गया। डीसीपी (नगर) मनीष शांडिल्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि यह एक प्रशिक्षु विमान था।
भारतीय वायु सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि घटना के कारण का पता लगाने के लिए उसने जांच का आदेश दिया है। इस तरह के अत्यंत हल्के (माइक्रोलाइट) विमान का उपयोग आमतौर पर प्रशिक्षण, पक्षी सर्वेक्षण और भू सर्वेक्षण कार्यों में किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ, जब विमान एक नियमित उड़ान पर था। हादसे के दौरान विमान की रिकवरी (पैराशूट) प्रणाली सक्रिय की गई और ‘‘दोनों पायलट सुरक्षित हैं।’’
वायु सेना ने पोस्ट में कहा, ‘‘वायु सेना के एक माइक्रोलाइट विमान में, 21 जनवरी को दोपहर सवा बारह बजे प्रयागराज के निकट बमरौली वायु सेना स्टेशन से नियमित उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी आ गई और उसे एक निर्जन इलाके में सुरक्षित रूप से उतारा गया तथा जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।’’
वायु सेना ने कहा कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं। पोस्ट में कहा गया है, ‘‘हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए वायु सेना द्वारा जांच का आदेश दिया गया है।’’ अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज में अधिकारियों ने दुर्घटना स्थल की घेराबंदी कर दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रयागराज के पुलिस उपायुक्त (नगर) मनीष शांडिल्य ने बताया कि विमान फफामऊ और संगम क्षेत्र की ओर उड़ान भर रहा था, तभी इसके इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आ गई। विमान में दो पायलट सवार थे, जिन्होंने के.पी. कॉलेज के पास जॉर्ज टाउन पुलिस क्षेत्र में स्थित एक तालाब में विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा। उन्होंने बताया कि पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसमें स्थानीय गोताखोरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया की इस घटना में किसी भी जनहानि की सूचना नहीं है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
हालांकि आरंभ में विमान को गिरता देख लोगों में डर-भय बन गया है। लेकिन गनीमत थी कि विमान तालाब में गिरा, जिससे किसी जानमाल की हानि नहीं हुई। तालाब के चारों ओर देखते-देखते स्थानीय लोगों की भीड़ लग गयी।