निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: बेजुबान जानवरों की सेहत और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए AHPL ने अपनी नई सीएसआर (CSR) पहल "Cost 2 Cost" की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारतीय सड़क पर रहने वाले कुत्तों (Street Dogs) और बिल्लियों (Street Cats) के लिए अत्यधिक रियायती दरों पर पैथोलॉजी लैब टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।
अक्सर देखा जाता है कि इलाज और जांच के बढ़ते खर्चों के कारण पशु रक्षक (Animal Rescuers) और जनकल्याणकारी संस्थाएं (NGOs) बीमार जानवरों का सही समय पर डायग्नोस्टिक टेस्ट नहीं करा पाते। "Cost 2 Cost" पहल इसी अंतर को पाटने का काम करेगी। इसके तहत अब खून की जांच (Blood Tests), यूरिन टेस्ट और अन्य महत्वपूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाएं न्यूनतम संभव लागत पर उपलब्ध होंगी।
AHPL ने स्पष्ट किया है कि रियायती दरों के बावजूद जांच की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आएगी। इस पहल के लिए भी AHPL की वही अत्याधुनिक प्रयोगशाला (Laboratory), उन्नत उपकरण और विशेषज्ञ टीम काम करेगी, जो सामान्य मरीजों के लिए उपयोग की जाती है। इसका उद्देश्य सटीक और विश्वसनीय रिपोर्ट सुनिश्चित करना है ताकि सड़क पर रहने वाले इन बेजुबानों का सही उपचार हो सके।
AHPL की सीएसआर टीम ने कहा, "हमारा मानना है कि हर जानवर को उचित स्वास्थ्य सेवा पाने का अधिकार है। 'कॉस्ट 2 कॉस्ट' के माध्यम से हम उन सभी रेस्क्यूअर्स और संस्थाओं का समर्थन कर रहे हैं जो निस्वार्थ भाव से इन जानवरों की सेवा में जुटे हैं।" यह सुविधा अब सभी एनजीओ, व्यक्तिगत पशु रक्षकों और आम लोगों के लिए उपलब्ध है जो सड़क के जानवरों की देखभाल कर रहे हैं।