कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कड़ी चेतावनी के बाद जादवपुर विश्वविद्यालय में विवादित दीवार लेखन पर सफेदी तो कर दी गयी, लेकिन 24 घंटे के भीतर उसी दीवार पर फिर नया लेखन सामने आ गया। ओपन एयर थिएटर (OAT) की जिस दीवार को हाल ही में सफेद किया गया था, उसी पर कार्ल मार्क्स के नाम से चार पंक्तियों का उद्धरण लिख दिया गया है। इसके साथ ही जादवपुर में दीवार लेखन को लेकर सियासी घमासान फिर तेज हो गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘किशनजी रेड सैल्यूट’, ‘फासिस्ट डू नॉट डिसर्व डेमोक्रेसी’ समेत कई विवादित लेखन को सफेद रंग से ढक दिया था। कार्रवाई का एसएफआई ने विरोध किया था। अब नये लेखन के सामने आने से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं।
नयी दीवार पर लिखे मार्क्स के उद्धरण का आशय है— “हमें कोई दया नहीं है और हम आपसे भी दया की अपेक्षा नहीं करते। जब हमारी बारी आयेगी, तब होने वाले आतंक के लिए हम कोई बहाना नहीं तलाशेंगे।” उद्धरण में क्रांतिकारी संघर्ष और प्रतिरोध की तीखी भावना व्यक्त की गयी है।
एबीवीपी ने नये लेखन को नक्सलपंथी ताकतों की करतूत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, एसएफआई ने दीवारों पर दोबारा कब्जा जमाने के संकेत देते हुए सोमवार को ‘टेक बैक योर वॉल’ कार्यक्रम का ऐलान किया है। हालांकि, संगठन ने नये लेखन से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि सफेदी के कुछ घंटों बाद ही उसी दीवार पर दोबारा लिखने वाला कौन है? विश्वविद्यालय प्रशासन भी फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर पाया है। एक अधिकारी ने कहा कि नये लेखन की प्रकृति की जांच की जा रही है और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
19-20 अगस्त की हिंसक झड़पों के बाद पहले से ही राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष का अखाड़ा बने जादवपुर में दीवारों पर लौटे ये शब्द अब नये सियासी टकराव का संकेत दे रहे हैं। सफेदी के बावजूद दीवार पर फिर उभरा यह लेखन विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भी एक नयी चुनौती बनकर सामने आया है।