छात्रों के भविष्य की रक्षा को लेकर जॉइंट एक्शन फोरम का बड़ा ऐलान
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : डीम्ड यूनिवर्सिटी प्रणाली के विरोध में हाल ही में आयोजित द्वीप-व्यापी बंद का नेतृत्व करने वाले जॉइंट एक्शन फोरम ने घोषणा की है कि वह अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में सरकारी कॉलेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी ढांचे के तहत संबद्ध करने के निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। फोरम के अनुसार यह निर्णय उस सफल एवं शांतिपूर्ण अंडमान बंद के बाद लिया गया है, जिसे आम जनता, व्यापारिक समुदाय, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। जॉइंट एक्शन फोरम ने छात्रों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर साथ खड़े होने के लिए समाज के सभी वर्गों के प्रति आभार व्यक्त किया। फोरम प्रतिनिधियों ने बताया कि छात्रों की शैक्षणिक दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए लगातार बंद को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन आंदोलन को लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अगले चरण के तहत छात्र सुबह कक्षाओं में काले बैज पहनकर विरोध दर्ज कराएंगे तथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 6 बजे तक अपने कॉलेजों के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखेंगे। जॉइंट एक्शन फोरम ने यह भी उल्लेख किया कि प्रशासन ने आंशिक रूप से सहमति देते हुए मौजूदा बैचों को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 तक पांडिचेरी विश्वविद्यालय से संबद्धता जारी रखने की अनुमति दी है, जिसे फोरम ने “सकारात्मक लेकिन अधूरा कदम” बताया। फोरम ने प्रशासन से डीम्ड यूनिवर्सिटी प्रणाली के क्रियान्वयन पर पूर्ण पुनर्विचार करने की अपील दोहराई। जॉइंट एक्शन फोरम ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल छात्रों के शैक्षणिक हित, डिग्री की मान्यता और भविष्य के अवसरों की रक्षा करना है तथा यह पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से जारी रहेगा। इस बीच छात्रों और फोरम सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर अपनी चिंताएं सीधे केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखने की योजना बना रहा है।
जॉइंट एक्शन फोरम ने आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन तथा मुद्दे को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए मीडिया के सहयोग की सराहना की। साथ ही शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से आंदोलन में भाग लेने वाले छात्रों और बंद को सफल बनाने वाली आम जनता के प्रति विशेष धन्यवाद व्यक्त किया।