नयी दिल्ली/ भुवनेश्वर : चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर अभी पूरी तरह थमा भी नहीं है कि बंगाल की खाड़ी में एक और मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में गहरे दबाव और 48 घंटों के भीतर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए तमिलनाडु के तटीय इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वहीं, अर्नब के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ और परिवहन व्यवस्था को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
ओडिशा में बाढ़ से हालात गंभीर, 300 गांव प्रभावित
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। करीब 300 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और कई इलाकों में लोगों के फंसे होने की खबर है। राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर रही है। जरूरत पड़ने पर फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों की मदद ली जाएगी। प्रशासन के मुताबिक, राज्य में अब तक करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कई इलाकों में पेड़ उखड़ने, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और पुलों को नुकसान पहुंचने से राहत कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
आंध्र प्रदेश में रेलवे पुल डूबा, ट्रेनों की आवाजाही रुकी
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में बाढ़ के पानी में रेलवे पुल डूब जाने के बाद रेल परिचालन रोकना पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए दोनों दिशाओं से ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। प्रशासन फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकालने की तैयारी कर रहा है। चक्रवात और भारी बारिश से आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हजारों पेड़ गिर गए हैं। सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचने से संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। दोनों राज्यों में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में करीब छह लोगों की मौत होने की खबर है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता करने में जुटे हैं।
नए सिस्टम से तमिलनाडु पर नजर, एक-दो नवंबर अहम
IMD के 29 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना नया कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके अगले 24 घंटों में गहरे दबाव में तब्दील होने का अनुमान है। इसके बाद अगले 48 घंटों में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका जताई गई है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने पर उत्तरी तमिलनाडु के तट, विशेषकर चेन्नई के आसपास के इलाकों पर असर पड़ सकता है। इसके 1-2 नवंबर के आसपास तट के निकट पहुंचने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। हालांकि, फिलहाल इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया गया है। इसकी दिशा, गति और तीव्रता को लेकर स्थिति अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी। नया सिस्टम दक्षिण भारत के लिए चिंता बढ़ा सकता है। तमिलनाडु के अलावा आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी बारिश का असर जारी रहने की आशंका है। पूर्वोत्तर मानसून के सक्रिय रहने के बीच बंगाल की खाड़ी में लगातार मौसमी प्रणालियां बनने से कई क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है।
15 राज्यों में बारिश और ठंड बढ़ने के आसार
अर्नब के प्रभाव से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत करीब 15 राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम में बदलाव के कारण तापमान गिरने और ठंड बढ़ने की संभावना है। अगले 2 दिनों तक कई राज्यों में बारिश जारी रह सकती है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ के 12 और ओडिशा के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
बॉक्स .... प्रभावित राज्यों को हरसंभव मदद : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों की मुश्किलें कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। शाह ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें सक्रिय हैं तथा बचाव और राहत अभियान युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। नुकसान का आकलन करने और आगे की जरूरतों का पता लगाने के लिए जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएंगी। उन्होंने ‘X’ पर कहा कि केंद्र सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है। राहत कार्यों के साथ-साथ नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।