सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार कमांड के तत्वावधान में कोस्ट गार्ड रीजनल मुख्यालय द्वारा 27–28 नवंबर 2025 को श्री विजयपुरम में बहु-एजेंसी समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास ‘सारेक्स 2025’ का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित सबसे महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा गतिविधियों में से एक है, जिसका उद्देश्य सभी हितधारकों—सैन्य, नागरिक, समुद्री एवं आपातकालीन सेवाओं—के बीच सामूहिक तैयारी और समन्वय को मजबूत करना है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्र में आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए अंतर-संचालनीयता, त्वरित प्रतिक्रिया तथा परिचालन दक्षता को बढ़ाना रहा। इसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच संचार माध्यमों की विश्वसनीयता का परीक्षण, ऑपरेटिंग प्रोसीजर की समीक्षा और वास्तविक परिस्थितियों जैसे बड़े पैमाने पर बचाव अभियानों की तैयारी को परिष्कृत करने पर विशेष बल दिया गया। अभ्यास की शुरुआत 27 नवंबर को एक टेबल–टॉप एक्सरसाइज़ के साथ हुई। इस सत्र में एक बड़े समुद्री हादसे की स्थिति का सिमुलेशन किया गया, जहाँ अनेक एजेंसियों को परस्पर समन्वय के साथ निर्णय लेने, सूचनाओं के आदान–प्रदान, संसाधनों की तैनाती और समयबद्ध प्रतिक्रिया का आकलन करना था। इस गतिविधि ने सभी विभागों को अपनी-अपनी भूमिका स्पष्ट करने के साथ-साथ संयुक्त कार्यप्रणाली की कमजोरियों और मजबूती का मूल्यांकन करने का अवसर प्रदान किया।
अगले दिन 28 नवंबर को समुद्र में वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित एक लाइव-एक्शन समुद्री बचाव अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास में एक काल्पनिक संकटग्रस्त पोत से यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। बचाव दलों ने समुद्री सतह से व्यक्तियों को उठाने, मेडिकल ट्रायेज स्थापित करने, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की शीघ्र निकासी और आवश्यक प्राथमिक उपचार प्रदान करने जैसी प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। इस दौरान कोस्ट गार्ड के जहाजों और विमानों ने अपना कौशल प्रदर्शित किया। इनके साथ शिपिंग सर्विसेज निदेशालय के जहाज भी शामिल हुए, जिन्होंने समुद्र में अग्निशमन, तेल फैलाव प्रतिक्रिया, सर्च पैटर्न संचालन और मेडिकल निकासी तकनीकों का प्रदर्शन किया। इन संयुक्त क्षमताओं ने यह स्पष्ट किया कि बहु-एजेंसी समन्वय समुद्री आपात स्थितियों का सामना करने में कितना महत्वपूर्ण है। स्थानीय प्रशासन, समुद्री विभागों, स्वास्थ्य सेवाओं, नागरिक आपदा प्रबंधन इकाइयों और अन्य संसाधन एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी ने अभ्यास को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। ‘सारेक्स 2025’ ने यह साबित किया कि संयुक्त अभ्यास न केवल परिचालन क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच विश्वास और तालमेल को भी मजबूत करते हैं। परिणामस्वरूप, क्षेत्र वास्तविक समुद्री आपात स्थितियों का सामना करने के लिए अधिक सक्षम, समन्वित और तैयार बनकर उभरा है।