सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पूर्व हिंदुओं की घर वापसी और पाक अधिकृत कश्मीर की आजादी के संकल्प को लेकर कोलकाता में प्रस्तावित 1008 कुण्डीय महायज्ञ एवं विराट सनातन अनुष्ठान की तैयारियों को गति देने के लिए आचार्य रामचंद्र दास 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिम बंगाल प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और आचार्य रामचंद्र दास की पुनः मुलाकात संभावित है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूर्व में इस प्रस्तावित महा अनुष्ठान का स्वागत कर चुके हैं। ऐसे में संभावित मुलाकात को आयोजन की तैयारियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित यह महा अनुष्ठान व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज नौ दिवसीय श्रीराम कथा करेंगे तथा उनके सान्निध्य में 1008 कुण्डीय महायज्ञ एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से संत-महात्माओं के पहुंचने की संभावना है। महा अनुष्ठान को पूर्व हिंदुओं की घर वापसी, हिंदू समाज को संगठित करने और पाक अधिकृत कश्मीर की आजादी के संकल्प से जोड़ा गया है। आयोजन के माध्यम से सनातनी समाज के विभिन्न वर्गों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाने की तैयारी की जा रही है। आचार्य रामचंद्र दास के प्रवास के दौरान आयोजन की रूपरेखा, विभिन्न व्यवस्थाओं और सामाजिक सहभागिता को लेकर अलग-अलग स्तर पर संवाद एवं बैठकें प्रस्तावित हैं। पश्चिम बंगाल के अनेक हिंदू एवं सामाजिक संगठन भी इस आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। नौ दिवसीय श्रीराम कथा, 1008 कुण्डीय महायज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से कोलकाता में एक विराट सनातन समागम का स्वरूप तैयार किया जा रहा है। आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार इसका उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रहकर सनातन समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समन्वय को मजबूत करना भी है।