अध्यक्ष पद: यश डबास (एबीवीपी) - 24,576 वोट (2,053 मतों के अंतर से विजयी)
उपाध्यक्ष पद: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय) - 30,615 वोट (13,700 से अधिक वोटों के अंतर से विजयी)
सचिव पद: रिया छाबड़ी (एबीवीपी) - 21,650 वोट
संयुक्त सचिव पद: लक्ष्य राज सिंह (एबीवीपी) - 16,615 वोट
एनएसयूआई की हार: कांग्रेस से जुड़ी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) का खाता नहीं खुला। उसके अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार बहुत कम अंतर से चुनाव हारे।
बागियों का असर: एनएसयूआई से टिकट न मिलने पर बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने इतिहास रच दिया। उन्होंने उपाध्यक्ष पद पर 13,700 से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल कर सबको चौंका दिया।
एबीवीपी का पुराना प्रदर्शन दोहराया: एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर लगातार अपना कब्जा बरकरार रखा है (इन पर उसने 2025 में भी जीत दर्ज की थी)।
प्रमुख मुद्दे: यह चुनाव ऐसे माहौल में हुआ जब हाल ही में जंतर-मंतर पर 'जेन-जी' के विरोध प्रदर्शन और सत्य निकेतन इमारत हादसे (जिसमें डीयू के पांच छात्रों की जान गई थी) को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश व हलचल थी।
निर्दलीय प्रभाव: दीपांशु शौकीन और विशेष यादव (समाजवादी छात्र सभा) जैसे उम्मीदवारों ने मुख्य दलों के बहुत सारे वोट काटकर चुनावी नतीजों को सीधे तौर पर प्रभावित किया।