कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय में एक बार फिर दीवारें सियासी नारों से रंग गयी हैं। शनिवार शाम गेरुआपंथी छात्र संगठन एबीवीपी ने कैंपस की दीवारों पर कई नये नारे लिखे। इनमें ‘फ्री पीओके’, ‘फ्री अक्साई चिन’, ‘लेनिनवाद निपात जाए’ और ‘जादवपुर में फिर राष्ट्रवाद स्थापित हो’ जैसे नारे शामिल हैं।
पिछले कुछ दिनों से जादवपुर में दीवार लेखन को लेकर विवाद जारी है। पहले कैंपस की दीवारों से कथित ‘देशविरोधी’ नारों को मिटाकर चूना कराया गया था। इसके बाद रात के अंधेरे में किसी ने वहां कार्ल मार्क्स के उद्धरण लिख दिये। बाद में उन्हें भी मिटा दिया गया।
इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि ‘फ्री पालेस्टाइन’ लिखने के बजाय ‘फ्री पीओके’ लिखा जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में देशविरोधी नारों पर भी आपत्ति जतायी थी।
अब एबीवीपी ने ‘अखंड भारत’ और राष्ट्रवाद से जुड़े नारों के जरिये अपना संदेश दिया है। ऐसे में नजर इस बात पर है कि क्या एक बार फिर दीवारों पर पलटवार देखने को मिलेगा।