कोलकाता : टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के हालिया दिल्ली दौरे के बाद अब तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के भी चुनाव आयोग जाने की संभावना जताई जा रही है। यह संकेत शुक्रवार को बारुईपुर से मिला, जहां टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘रण संकल्प सभा’ के दौरान चुनाव आयोग को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में ममता बनर्जी खुद आयोग का दौरा कर सकती हैं। इस दिन, बारुईपुर की सभा से अभिषेक ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR को जानबूझकर अव्यवस्थित तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि गरीब, मजदूर और हाशिये के लोगों को वोट देने से रोका जा सके।
जीवित होने के बावजूद लोगों को मृत बताया गया
अभिषेक ने कहा कि चुनाव आयोग ने जीवित नागरिकों को भी 'मृत' घोषित कर दिया है। मंच पर तीन ऐसे लोगों को पेश करते हुए उन्होंने दावा किया कि दक्षिण 24 परगना जिले में कम से कम 24 मतदाता ऐसे हैं, जो जीवित होने के बावजूद आयोग के रिकॉर्ड में मृत बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मताधिकार छीनने की साजिश है। उन्होंने SIR प्रक्रिया से जुड़ी कथित मौतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने बताया कि तथाकथित 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' के नाम पर 1.36 करोड़ लोगों को नोटिस भेजकर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
मताधिकार विरोधी एजेंडे का करारा जवाब देगी बंगाल की जनता
CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए अभिषेक ने कहा कि आयोग निर्वाचित प्रतिनिधियों को डराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'हमने साबित कर दिया कि बंगाली क्या कर सकते हैं। आज मैं गया हूं, इसके बाद ममता बनर्जी भी जाएंगी। तब कौन आपको बचाएगा?' अभिषेक ने भरोसा जताया कि SIR के बावजूद 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी और जनता लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा तथा उसके 'मताधिकार विरोधी एजेंडे' का करारा जवाब देगी।