कोलकाता : कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के आसपास बीएनएस की धारा 163 लागू रहने के बीच मंगलवार को वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने उनसे मुलाकात की। इससे पहले सिंघवी कोलकाता हाईकोर्ट में तृणमूल कांग्रेस के फ्रीज किए गए बैंक खातों से जुड़े मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता के साथ पार्टी की ओर से पेश हुए। तृणमूल ने मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं करते हुए अगली सुनवाई गुरुवार के लिए निर्धारित कर दी।
सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट से निकलने के बाद सिंघवी तृणमूल सांसद डेरेक ओ'ब्रायन के साथ सीधे कालीघाट पहुंचे, जहां ममता बनर्जी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक में सांसद डोला सेन, मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सूत्रों का दावा है कि बैठक में तृणमूल के फ्रीज बैंक खातों सहित विभिन्न लंबित कानूनी मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई और सिंघवी ने आगे की कानूनी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी।
बैठक समाप्त होने के बाद ममता बनर्जी स्वयं सिंघवी को विदा करने बाहर आईं। इस दौरान कालीघाट इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। उल्लेखनीय है कि सोमवार को ममता बनर्जी के कैंडल मार्च के बाद पुलिस बैरिकेड पार करने के आरोपों के बीच पूरे इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई थी और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए 'सीजर गेट' भी लगाए गए थे। सुरक्षा कारणों से मीडिया कर्मियों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया। हालांकि, तृणमूल सांसद डोला सेन ने इस मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट बताया और कहा कि बैठक के एजेंडे पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जाएगी।