निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) की आहट के बीच संदेशखाली की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। आगामी रविवार (29 मार्च) को तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी संदेशखाली के सरबेरिया हाई स्कूल मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने आ रहे हैं। इस सभा को लेकर तृणमूल खेमे में उत्साह चरम पर है और बशीरहाट संगठनात्मक जिला नेतृत्व ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
शुक्रवार को सरबेरिया में सभा स्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बशीरहाट जिला अध्यक्ष बुरहानुल मुकद्दिम (लिटन), विधानसभा प्रत्याशी झरना सरदार, सुरजीत मित्रा और विधायक सुकुमार महतो उपस्थित थे। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मैदान के पास बने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर का सफल ट्रायल भी किया गया। पार्टी का लक्ष्य इस सभा में 50,000 से अधिक लोगों की भीड़ जुटाना है।
2024 के लोकसभा चुनावों में रेखा पात्रा को उम्मीदवार बनाकर 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलने वाली भाजपा इस बार संदेशखाली में घिरी नजर आ रही है। स्थानीय स्तर पर भाजपा प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी के भीतर ही जबरदस्त असंतोष है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन और पोस्टरबाजी हो रही है। रही-सही कसर संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रहीं पियाली दास ने पूरी कर दी है, जिन्होंने हाल ही में भाजपा के खिलाफ विस्फोटक बयान देकर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
तृणमूल नेतृत्व का दावा है कि लोग भाजपा की राजनीति को समझ चुके हैं। विधायक सुकुमार महतो ने कहा, "हमारी तैयारी पूरी है और संदेशखाली में टीएमसी की जीत बस समय की बात है।" वहीं, भाजपा नेता पलाश सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि शाहजहां वाहिनी के अत्याचार को जनता भूली नहीं है और परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आएगा।