निधि, सन्मार्ग संवाददाता
पानीहाटी : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। आरजी कर कांड की पीड़िता 'अभया' के माता-पिता ने राजनीति की मुख्यधारा में कदम रखने का फैसला किया है। लंबे समय तक चले ऊहापोह और अटकलों के बाद, आखिरकार पीड़िता की मां ने भाजपा के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व ने फोन पर उनसे संपर्क किया, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में पानीहाटी केंद्र से भाजपा की उम्मीदवार होंगी।
तृणमूल से मुकाबले के लिए भाजपा ही विकल्प
भाजपा में शामिल होने के निर्णय पर पीड़िता के माता-पिता ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में केवल भाजपा ही तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मजबूती से लड़ सकती है। उन्होंने कहा, "हम वामपंथियों (CPM) को मौका देकर तृणमूल की राह आसान नहीं करना चाहते। हमारा मकसद स्पष्ट है— न्याय की इस लड़ाई को सदन तक ले जाना।"
भ्रष्टाचार और नारी सुरक्षा मुख्य मुद्दा
मीडिया से बात करते हुए अभया की मां ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और राज्य में महिलाओं की असुरक्षा ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। महिलाओं की रक्षा और इंसाफ के लिए मैं चुनावी मैदान में उतर रही हूं। भाजपा ने हमें सम्मान दिया है और हम उनके साथ मिलकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे।"
गुरुवार को भाजपा नेतृत्व से मिली जानकारी के बाद पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा इस दांव से न केवल सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है, बल्कि 'नारी सुरक्षा' के मुद्दे को चुनाव का केंद्र बिंदु बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।