सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण ‘दीदी की 10 प्रतिज्ञाएं’ हैं, जिनके जरिए महिलाओं, युवाओं, किसानों और आम परिवारों को ध्यान में रखते हुए कई आर्थिक और सामाजिक वादे किए गए हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में विकास का एक नया मॉडल तैयार हुआ है और उसी को आगे बढ़ाने के लिए यह नया विजन पेश किया गया है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि करीब 1.72 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया। लगभग 2 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित किये गये। राज्य में बेरोजगारी 40% तक कम हुई। तृणमूल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर विकास का दावा किया है। साथ ही, पार्टी ने केंद्र सरकार पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये बकाया रोकने का आरोप लगाया है। इनमें मनरेगा, आवास योजना, ग्रामीण सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य योजनाओं की भी बकाया राशि शामिल है। तृणमूल का कहना है कि इन फंड्स के न मिलने से राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।
देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
आर्थिक दृष्टि से घोषणा पत्र में अगले 10 वर्षों में बंगाल को देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अगले 5 साल में 40 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ग्लोबल ट्रेड हब, बंदरगाह और लॉजिस्टिक नेटवर्क विकसित करने की योजना भी शामिल है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणाएं
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं। घोषणा पत्र में सातवें वेतन आयोग को लागू करने और बकाया डीए को चरणबद्ध तरीके से देने का वादा किया गया है। कुल मिलाकर, महिलाओं, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह घोषणा पत्र 2026 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चुनावी हथियार माना जा रहा है।