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प्रदर्शनी मैदान में ‘सुभाष अभिनंदन’ प्रदर्शनी में उमड़ी भारी भीड़

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘पराक्रम दिवस-2026’ के अंतर्गत राष्ट्रीय अभिलेखागार, भारत ने श्री विजयपुरम के प्रदर्शनी मैदान और नेताजी सुभाष चंद्र बोस (एनएससीबी) द्वीप पर ‘सुभाष अभिनंदन’ शीर्षक से विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह प्रदर्शनी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन, उनके आदर्शों और अदम्य साहस को समर्पित है। यहाँ उनके साहस, बलिदान और दूरदृष्टि को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जो आज भी पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है। आज बड़ी संख्या में दर्शक प्रदर्शनी में पहुंचे और नेताजी की विरासत के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से देखा। इसके साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रदर्शनी मैदान में यह विशेष आयोजन कल (26 जनवरी) तक जारी रहेगा, जबकि एनएससीबी द्वीप पर यह प्रदर्शनी एक माह तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों की लोक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। अंडमान और निकोबार प्रशासन के कला एवं संस्कृति विभाग ने ‘वंदेमातरम्’ की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली द्वारा ‘सुभाष जी’ नाटक का मंचन किया गया। लघु अंडमान (हरमिंदर बे) का निकोबारी नृत्य, अंडमान द्वीप का करेन नृत्य और राजस्थान (उदयपुर) का भवई नृत्य प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया। राजस्थान का कठपुतली नृत्य ‘कालीबाई’ और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के पारंपरिक रांची समुदाय नृत्य ने दर्शकों को विशेष आनंद दिया।

इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ का मलखंभ, मणिपुर का थांग-ता और ओडिशा का पैका अखाड़ा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा रहे। प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुकों ने द्वीपों के विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लिया और जनजातीय कारीगरों द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक हस्तशिल्प की जीवंत प्रदर्शनी का आनंद उठाया। इस आयोजन ने न केवल नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को जीवंत किया, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर और लोक कलाओं की समृद्धि को भी सामने रखा। दर्शकों ने कहा कि यह प्रदर्शनी उन्हें नेताजी के अदम्य साहस और देशभक्ति की भावना से जोड़ती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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