निधि, सन्मार्ग संवाददाता
श्यामनगर: नियति का क्रूर खेल कहें या ममता की पराकाष्ठा, उत्तर 24 परगना जिले के श्यामनगर इलाके में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कल्याणी एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही शोक संतप्त मां ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतकों की पहचान सुशोभन टीकादार (पुत्र) और मंजू टीकादार (माता) के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात सुशोभन टीकादार अपनी बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान मोहनपुर थाना अंतर्गत कल्याणी एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुशोभन ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां मंजू टीकादार बदहवास हो गईं। वह तुरंत अपने परिजनों के साथ बैरकपुर स्थित बी.एन. बोस अस्पताल पहुंचीं, जहां उनके बेटे का शव रखा हुआ था। अस्पताल से घर लौटने के बाद वह पूरी तरह टूट चुकी थीं। देर रात उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और गले में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों और परिजनों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर वासुदेवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर मंजू देवी का शव बरामद किया।
पुलिस ने शव के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुसाइड नोट में बेटे की मौत के असहनीय दुख का जिक्र किया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एक ही रात में मां-बेटे की मौत से पूरे श्यामनगर इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुशोभन और उसकी मां के बीच गहरा लगाव था, और बेटे की असमय मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सकीं।