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74वें पुलिस स्थापना सप्ताह पर ‘नमन’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : 74वें पुलिस स्थापना सप्ताह के उपलक्ष्य में अंडमान एवं निकोबार पुलिस द्वारा मरीना पार्क, श्री विजयापुरम में “नमन” शीर्षक से एक भव्य एवं भावपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा एवं सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों, कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से त्याग, सेवा और समर्पण के मूल्यों को समाज के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के पुलिस महानिदेशक श्री हरगोबिंदर सिंह धालीवाल, आईपीएस, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अंडमान एवं निकोबार प्रशासन तथा पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में शहीदों के परिजन, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की सहभागिता ने इसे और भी विशेष बना दिया। उपस्थित जनसमूह ने एकजुट होकर पुलिस बल के बलिदानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। देशभक्ति गीतों ने वातावरण को भावनात्मक बना दिया, वहीं ब्रास बैंड की सशक्त प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में गरिमा और उत्साह का संचार किया। इसके अतिरिक्त भारत की विविध संस्कृति में एकता को दर्शाने वाले रंगारंग सांस्कृतिक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण सामाजिक जागरूकता से संबंधित नाट्य प्रस्तुति रही। इस नाटक के माध्यम से नशा उन्मूलन, शराबखोरी तथा साइबर अपराध जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डाला गया। नाटक ने यह स्पष्ट किया कि पुलिस बल केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने और सुरक्षित बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। इस प्रस्तुति को दर्शकों से विशेष सराहना प्राप्त हुई।

‘नमन’ सांस्कृतिक कार्यक्रम 74वें पुलिस स्थापना सप्ताह समारोहों का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी हिस्सा रहा। इस आयोजन ने पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास एवं सहभागिता को और अधिक मजबूत किया। साथ ही यह संदेश भी दिया कि पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी समान रूप से सक्रिय रहते हैं। यह कार्यक्रम त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने वाला एक स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।

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