सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आईआईटी मद्रास का खास स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम स्कूली जीवन के दायरे से बाहर निकलकर छात्रों को भविष्य की उच्च शिक्षा और तकनीकी दुनिया से रूबरू कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। पढ़ाई के सामान्य सिलसिले के साथ-साथ यह आठ सप्ताह यानी लगभग दो महीने का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा विद्यार्थियों के मानसिक क्षितिज को व्यापक बनाता है। इस अनूठी पहल के जरिए छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकी विषयों की व्यावहारिक और अकादमिक समझ हासिल करने का अवसर मिलता है, जो उनके भविष्य के करियर की मजबूत नींव तैयार करने में अहम भूमिका निभाता है। इस वर्ष संस्थान ने आगामी 5 अक्टूबर से इस विशेष प्रशिक्षण सत्र को शुरू करने का फैसला किया है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर तक खुली रहेगी और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।
किसे मिलेगा मौका और कैसे करें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के पात्रता मानदंडों में इस बार एक बड़ा और उत्साहजनक बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब पारंपरिक रूप से 10वीं से 12वीं कक्षा तक सीमित रहने वाले छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि नौवीं कक्षा के मेधावी छात्र भी इसके लिए आवेदन करने के पात्र बनाए गए हैं। पाठ्यक्रम के तहत छात्रों के पास डेटा साइंस एंड एआई, एयरोस्पेस, साइबर सिक्योरिटी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, केमिकल इंजीनियरिंग, मॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर एंड डिजाइन, प्रोडक्ट डिजाइन, लॉ, इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस, ह्यूमैनिटीज, इकोलॉजी, डिजिटल ह्यूमैनिटीज, गेम टेक्नोलॉजी, गणित एंड कंप्यूटिंग और इंजीनियरिंग बायोलॉजिकल सिस्टम जैसे कुल 17 आधुनिक और भविष्योन्मुखी विषयों में से अपनी पसंद का क्षेत्र चुनने का पूरा विकल्प मिलता है। आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह से स्कूल के माध्यम से संचालित किया जाता है, जहाँ इच्छुक छात्र और उनके अभिभावक अपने विद्यालय के प्राधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं और ऐसे स्कूल जो अपने विद्यार्थियों को यह विशिष्ट अवसर देना चाहते हैं, वे आईआईटी मद्रास के आधिकारिक स्कूल कनेक्ट पोर्टल पर जाकर सीधे अपना पंजीकरण करा सकते हैं। अब तक इस प्रतिष्ठित संस्थान ने देश भर के लगभग 4900 से अधिक स्कूलों के साथ सफलतापूर्वक सहयोग किया है और 1 लाख 75 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करके उनके सपनों को एक नई उड़ान दी है।