कोलकाता : सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर महानगर का नजारा पूरी तरह से उत्सवमय नजर आया। शहर के प्रमुख बाजार, रोड और फूटपाथ श्रद्धालुओं और उत्सव प्रेमियों से भरे हुए थे। लोग माता सरस्वती की पूजा-अर्चना करने और नेताजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकले। इस दौरान शहर के फूटपाथ पर लगी दुकानों और स्टॉलों पर भीड़ की भारी उपस्थिति देखी गई। खासकर किताबों, फूलों, पूजा सामग्री, रंग-बिरंगे सजावट और मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगीं। दुकानदारों की कमाई इस अवसर पर कई गुना बढ़ गई। शहर के फूटपाथ पर सामान बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री काफी अधिक रही और भीड़ बहुत उत्साहित और उत्सवमय थी।
शहरवासियों ने बताया कि इस अवसर पर न केवल पूजा और श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि परिवार और मित्रों के साथ उत्सव का आनंद भी लिया गया। बच्चे रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे नजर आए और युवा वर्ग ने भी समारोह में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। सरस्वती पूजा के पंडालों में धार्मिक संगीत और मंत्रोच्चारण का माहौल माहौल को और भी जीवंत बना रहा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर उनके पोर्ट्रेट और झांकियां सजाई गईं। स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नेताजी के योगदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया।
इस अवसर ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखा, बल्कि शहर के छोटे व्यवसायियों और फूटपाथ विक्रेताओं के लिए भी आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हुआ। मिठाइयों, सजावट सामग्री, फूल और अन्य वस्तुएं बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि इस साल बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक रही। इस प्रकार, सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती का यह संगम शहर में उत्सव और उल्लास का माहौल लेकर आया। लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आनंद लिया, जिससे महानगर का दृश्य पूरे दिन उत्सवमय और जीवंत बना रहा।