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'सतलुज' पर बैन तय था... मुझे पहले से अंदाजा था: दिलजीत

ZEE5 से फिल्म हटने के बाद बोले अभिनेता, 'जितना रोकेंगे, उतनी ज्यादा लोकप्रिय होगी'; जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है फिल्म

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्म सतलुज को भारत में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही अंदाजा था कि फिल्म पर रोक लगेगी, इसलिए इस फैसले से उन्हें कोई हैरानी नहीं हुई।

इन दिनों अमेरिका दौरे पर मौजूद दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान कहा कि उन्हें शुक्रवार से ही इस बात का आभास हो गया था कि फिल्म के साथ ऐसा कुछ हो सकता है। हालांकि, उन्हें उम्मीद थी कि यह फैसला सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद होगा, लेकिन फिल्म रविवार शाम को ही हटा दी गई।

उन्होंने कहा, "हमने फिल्म का कोई प्रचार नहीं किया। अगर बड़े स्तर पर प्रमोशन किया होता, तो शायद फिल्म दो दिन भी नहीं चल पाती। फिर भी संतोष है कि बड़ी संख्या में लोगों ने इसे देख लिया और इसका संदेश लोगों तक पहुंच गया।"

रविवार शाम ZEE5 ने दर्शकों को सूचना दी कि 'सतलुज' भारत में उपलब्ध नहीं है। दिलजीत ने कहा कि कई लोगों ने फिल्म देखी या डाउनलोड की है और युवा पीढ़ी इस पर चर्चा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक वीडियो मिला, जिसमें राजस्थान के एक गुरुद्वारे में फिल्म दिखाई जा रही थी।

दिलजीत दोसांझ ने लोगों से अपील की कि वे फिल्म को ज्यादा से ज्यादा साझा करें और देखें। उनका कहना था कि सबसे अहम बात यह थी कि फिल्म दर्शकों तक पहुंचे और वह उद्देश्य पूरा हो चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म का मूल नाम 'पंजाब 1995' था, जिसे बदलकर 'सतलुज' किया गया। उनके मुताबिक, फिल्म को जितना रोकने की कोशिश की जाएगी, उसकी लोकप्रियता उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट की दुनिया में किसी भी कंटेंट को पूरी तरह मिटाना आसान नहीं होता।

फिल्म 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहन ने किया है। इससे पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म में 127 कट लगाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद यह लंबे समय तक विवादों में रही।

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