नयी दिल्ली : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने देश भर के स्कूलों से पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए समय पर आधार बायोमेट्रिक आंकड़ों को अपडेट करने का आग्रह किया है।
कैंप लगा कर आधार बायोमीट्रिक अपडेट करने का आग्रह
यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर स्कूलों में शिविर आयोजित करके लंबित अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन पूरा करने का आग्रह किया है। यूआईडीएआई ने स्कूली बच्चों के आधार से संबंधित अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन (एमबीयू) स्थिति को यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लिकेशन पर उपलब्ध कराने के लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के साथ हाथ मिलाया है। यह एक ऐसा कदम है जिससे करोड़ों छात्रों के लिए आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन की सुविधा होगी।
17 करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट लंबित
यूआईडीएआई ने कहा कि पांच साल की उम्र में और फिर 15 साल की उम्र में बच्चों के लिए आधार बायोमेट्रिक अद्यतन समय पर पूरा करना जरूरी है। आधार में बच्चों के बायोमेट्रिक आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है। लगभग 17 करोड़ आधार संख्या के मामले में अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन करने का काम लंबित है। बच्चे के बायोमेट्रिक आंकड़े अपडेट न करने से बाद में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने, नीट, जेईई, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण के लिए सत्यापन करने में मुश्किलें आ सकती हैं।